रांची: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) में मंगलवार से चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में प्रखंड स्तर पर कार्यरत साधनसेवी, रिसोर्स शिक्षक और थेरेपिस्टों के तीसरे बैच को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
‘निपिड दिशा पाठ्यक्रम’ पर आधारित है प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण ‘निपिड दिशा पाठ्यक्रम’ के आधार पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को बेहतर ढंग से समझना और उनके लिए गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षण व्यवस्था विकसित करना है।
कार्यक्रम में शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ काम करने के लिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और व्यवहारिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
NIPID और CRC के सहयोग से आयोजन
प्रशिक्षण का आयोजन भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIPID), सिकंदराबाद की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (CRC) भी समन्वय की भूमिका निभा रहा है।
NIPID के क्षेत्रीय संस्थान, नोएडा से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों को जरूरी तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी दे रहे हैं।
15 से 18 सितंबर तक चलेगा आवासीय प्रशिक्षण
राज्य समावेशी शिक्षा प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि यह चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 15 से 18 सितंबर तक चलेगा। उनके अनुसार, कार्यक्रम के बाद शिक्षकों और थेरेपिस्टों की कार्यक्षमता में सुधार आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी विशेष जरूरत वाले बच्चों की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पहचान सकेंगे और उन्हें पढ़ाई के साथ उचित मार्गदर्शन देने में सक्षम होंगे।
स्कूलों में समावेशी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
प्रशिक्षण का व्यापक उद्देश्य विद्यालयों में ऐसी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सीखने का बेहतर अवसर मिल सके। शिक्षकों और थेरेपिस्टों की क्षमता बढ़ने से स्कूल स्तर पर समावेशी शिक्षा को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
