Monday, August 24, 2026

रांची में बिना लाइसेंस चल रहे RO प्लांट पर नगर निगम की कार्रवाई, तीन संचालकों पर 50-50 हजार का जुर्माना.

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रांची: शहर में भूगर्भ जल के अनधिकृत इस्तेमाल और बिना अनुमति जलापूर्ति के खिलाफ रांची नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को निगम की जलापूर्ति शाखा की टीम ने तीन RO वाटर बॉटलिंग प्लांट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीनों इकाइयां जरूरी अनुज्ञप्ति के बिना संचालित होती मिलीं।

इसके बाद नगर निगम ने प्रत्येक प्लांट पर 50 हजार रुपये का ऑन-स्पॉट जुर्माना लगाया। तीनों प्रतिष्ठानों पर कुल 1.50 लाख रुपये की कार्रवाई की गई।

इन RO प्लांट पर हुई कार्रवाई

नगर निगम की जांच में मोराबादी सरना टोली स्थित गो जल RO, चिरौंदी-बोडिया रोड स्थित मां पानी सर्विस RO वाटर और मोराबादी के कुसुम बिहार स्थित RV RO वाटर में नियमों का अनुपालन नहीं पाया गया।

निगम अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक अनुज्ञप्ति लेने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में भूगर्भ जल के इस्तेमाल और पानी की व्यावसायिक आपूर्ति को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

लाइसेंस के लिए 25 हजार रुपये शुल्क

नगर निगम के अनुसार RO वाटर बॉटलिंग प्लांट के संचालकों को अनुज्ञप्ति के लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। इनमें आधार कार्ड, कंपनी या फर्म के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज, नवीनतम बिजली बिल, होल्डिंग टैक्स की रसीद और केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण (CGWA) से प्राप्त NOC शामिल है।

इसके साथ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उपलब्ध वर्षा जल संचयन व्यवस्था की जानकारी और तस्वीर भी आवेदन के साथ देनी होगी।

नए नियमों के तहत अनुज्ञप्ति के लिए 25 हजार रुपये एकमुश्त शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि इसके नवीकरण के लिए 20 हजार रुपये शुल्क देना होगा। निगम के मुताबिक अब तक करीब 90 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

नियम तोड़ने पर प्लांट सील करने की चेतावनी

नगर निगम ने शहर के सभी RO वाटर बॉटलिंग प्लांट संचालकों से जल्द निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अनुज्ञप्ति लेने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लांट को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

अवैध जल कनेक्शन पर भी नजर

नगर निगम का कहना है कि अवैध जल कनेक्शन, बिना अनुमति जार वाटर बॉटलिंग और भूगर्भ जल के अनधिकृत दोहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

साथ ही निगम ने शहरवासियों से पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार भूगर्भ जल के संरक्षण के लिए नियमों का पालन और पानी के विवेकपूर्ण इस्तेमाल दोनों जरूरी हैं।

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