रांची: ग्रामीण विकास विभाग के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रांची पहुंचीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. मीडिया से बातचीत में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आज देश की आधी आबादी अपने हक के लिए लड़ रही हैं, अपने पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन के लिए जूझ रही हैं और केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उनको अधिकार देने से लगातार इंकार कर रही है. सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वास्तव में यदि वह महिलाओं को उनका हक देना चाहती है तो आज ही लोकसभा की 543 सीटों में से एक तिहाई सीट पर महिलाओं को आरक्षण का लाभ दे दीजिए, इस तरह 181 लोकसभा सीट महिलाओं के लिए सुनिश्चित हो जाएगी.
कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि हम बार-बार विपक्ष में होने के नाते केंद्र की सरकार से कह रहे हैं कि 543 सीटों पर आज की तिथि में आरक्षण दीजिए समूचा विपक्ष आपका साथ देगा. सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पिछड़ी महिलाओं के लिए भी एक कोटा फिक्स कीजिए, ताकि उनकी भी भागीदारी राजनीति में बढ़े.
महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन की कोशिश की गईः सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के ओट में छिपकर मनमाने तरीके से परिसीमन की कोशिश की गई, ताकि केंद्र की सरकार जातीय जनगणना से बचने से भी बच जाए. पास में बैठीं झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का नाम लेकर उदाहरण देते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मान लीजिए कि उनके पास टोकरी में 543 आम है.शिल्पी नेहा उसमें से एक आम मांगती हैं जो उनका हक है, लेकिन उनसे कहा जाता है कि इस 543 आम में से आपको एक भी आम नहीं मिलेगा, एक अलग टोकरी आम की आएगी तब आपको आम मिलेगा. यही काम केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण पर कर रही है.
केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण को लेकर भाजपा की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सच्चाई यह है कि भाजपा की मंशा और नीयत दोनों साफ नहीं है, अगर साफ होती तो 2014 के बाद ही महिला आरक्षण कानून बनाकर महिलाओं को लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में उनका अधिकार दे देती. 2023 में जब सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पास हो गया तो उसमें भी केंद्र की भाजपा सरकार ने कई शर्ते लगा दी. हमारे कहने के बावजूद शर्तें नहीं हटाई, जनगणना और परिसीमन की शर्तें थोप दी गई.
भाजपा के आक्रोश को फर्जी बताया
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि महिला आरक्षण में किंतु-परंतु करते भाजपा के नेताओं को देशवासियों ने देख लिया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेस के खिलाफ मिथ्या प्रचार करने के लिए जनाक्रोश यात्रा निकाल रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि भाजपा के नेताओं को ही जगह-जगह आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी महिलाओं का हक मार रही है. वहीं हमारी जहां-जहां सरकार है वहां महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का आक्रोश नकली, फेक और फर्जी है.
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर दी सफाई
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी को आतंकवादी कहे जाने वाले बयान पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष दलित समुदाय से आते हैं, इसलिए बीजेपी नेताओं की आंखों में वह खटक रहे हैं. दलित समुदाय के लोग बीजेपी को बर्दाश्त नहीं होता है. श्रीनेत ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के कहने का आशय यह था कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार आतंक और भय का माहौल बना रही है. झारखंड के मुख्यमंत्री को भी चुनाव के दौरान जेल में डाला गया था, एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया गया. अगर सच बात कोई नेता कह देता है तो ये नरेंद्र मोदी छुईमुई बन जाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि अगर आपने गलत किया तो आपको आईना दिखाया जाएगा.
चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मैं चुनाव आयोग और ज्ञानेश गुप्ता से पूछना चाहती हूं कि नरेंद्र मोदी जब मुजरा की बात करते थे तो उस समय यही चुनाव आयोग चुप्पी क्यों साधे रहता था. दूरदर्शन पर आकर नरेंद्र मोदी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया, इस पर आयोग क्यों चुप रहा. कांग्रेस नेता ने कहा कि तेलंगाना और बिहार कास्ट सर्वे की रिपोर्ट देख कर यह जाना जा सकता है कि ओबीसी महिलाओं की क्या स्थिति है, उसे देखकर ओबीसी महिलाओं को भी उसका हक दे दीजिए. कांग्रेस नेत्री ने कहा कि भाजपा वाले चोरी के साथ-साथ सीनाजोरी भी कर रहे हैं.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने पहले महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था, अब समर्थन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन पर 29 मिनट के संबोधन में 58 बार कांग्रेस का नाम लिया, इस देश में आज भी वैसे इलाके हैं जहां बच्चों को इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि वह लड़की हैं, भ्रूण हत्याएं एक सच्चाई है और आप राजनीतिक हमले के लिए बार-बार भ्रूण हत्या का इस्तेमाल करते हैं. भ्रूण हत्या तो बेटियों की ही होती है और आप बेटियों की सशक्तीकरण की बात करते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मेरा अपना मानना है कि इनकी नीति और नीयत दोनों में खोट है.
बंगाल में हुमायूं कबीर और मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इसका जवाब भाजपा के नेताओं से लेना चाहिए. एक सवाल के जवाब में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि अगर संवैधानिक संस्थाएं अपना दायित्व नहीं निभाएंगी, तब आम जनता को उसके खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो जाना चाहिए. निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की राजनीति में महिलाओं को लेकर दिए बयान की तीखी भर्त्सना करते हुए सुप्रिया में कहा कि कांग्रेस इस तरह के बयानों को लेकर कोई इत्तेफाक नहीं रखती


