रांची: झारखंड की ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बाजार से जोड़ने की दिशा में एक और पहल की गई है। राजधानी रांची स्थित रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय परिसर में पलाश दीदी कैफे की शुरुआत की गई है। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार को कैफे का उद्घाटन किया।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि पलाश दीदी कैफे का उद्देश्य केवल लोगों तक झारखंड के पारंपरिक और पौष्टिक भोजन को पहुंचाना नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता को मजबूत मंच देना भी है।
ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा बाजार और रोजगार का अवसर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देने के साथ-साथ वित्तीय सहायता और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बाद उनके बनाए उत्पादों और सेवाओं को बाजार से जोड़ने पर भी सरकार का फोकस है।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) लगातार काम कर रही है।
पलाश ब्रांड के तहत तैयार खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पादों को सरकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न संस्थानों में प्राथमिकता दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पूरे झारखंड में विस्तार की योजना
मंत्री ने बताया कि सरकार पलाश दीदी कैफे की संख्या को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को उनके आसपास रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में शुरू किया गया कैफे इसी योजना का हिस्सा है। यहां आने वाले लोगों को झारखंड के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद मिलने के साथ ग्रामीण महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को भी नया बाजार मिल सकेगा।
जल्द शुरू होगा पलाश मार्ट
दीपिका पांडेय सिंह ने कार्यक्रम में पलाश ब्रांड के अगले विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में पलाश मार्ट शुरू करने की तैयारी है।
मंत्री के मुताबिक, रांची में राज्य का पहला पलाश मार्ट अगले छह महीने के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भगवान बिरसा जैविक उद्यान, ओरमांझी में भी जल्द एक और पलाश दीदी कैफे शुरू किया जाएगा।
इन केंद्रों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के खाद्य पदार्थों और स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान
मंत्री ने कहा कि राज्य के संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख केंद्रों में पलाश के ऐसे आउटलेट बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को नए ग्राहक मिल सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार और बेहतर पहचान मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और ‘स्थानीय से वैश्विक’ की सोच को आगे बढ़ाने में इन केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में अधिकारी रहे मौजूद
रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में JSLPS के CEO अनन्य मित्तल, IAS अधिकारी अंजलि यादव समेत JSLPS के कई अधिकारी और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
