रांची: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज शनिवार को चान्हो प्रखंड मुख्यालय में विभिन्न तरह के आपदा के शिकार हुए लोगों के परिजनों के बीच राहत राशि का वितरण किया.
प्राकृतिक आपदा राहत वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं. मंत्री ने 152 लाभुकों के बीच 16 लाख से अधिक की राशि वितरित की.
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत निधि से 152 लाभुकों के बीच 16 लाख 05 हजार 430 की सहायता राशि वितरित की गई है. जिसमें सर्पदंश, डूबने, सड़क दुर्घटना, वज्रपात, घर एवं फसल क्षति जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को इस योजना के माध्यम से सहयोग प्रदान किया गया.

मंत्री ने प्रभावित परिवारों से कहा कि आप सभी से आग्रह है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सके. पिछले कुछ दिनों में लगातार आंधी, तूफान एवं बारिश के कारण कई लोगों के घरों और संपत्तियों को नुकसान हुआ है. कई ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं होती कि क्षतिग्रस्त घर का फोटो, आवेदन पत्र, बैंक पासबुक एवं आधार कार्ड जमा करने पर सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाता है.
उन्होंने लोगों को जानकारी दी कि वज्रपात से मवेशियों की मृत्यु होने पर सरकार द्वारा साठ हजार रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाती है. वहीं सांप काटने, डूबने या सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर आवश्यक दस्तावेज एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा करने के बाद चार लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है.

मंत्री ने बताया कि पूर्व में सहायता राशि प्रखंड विकास पदाधिकारी के खाते के माध्यम से दी जाती थी. जिससे भुगतान प्रक्रिया में कई तरह की शिकायतें आती थीं, अब सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाते हुए लाभुकों के नाम सीधे चेक जारी करने की व्यवस्था लागू की है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब केवल संबंधित लाभुक ही अपने खाते में चेक जमा कर सकता है, इसलिए किसी दलाल या बिचौलिए के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है. यदि कोई व्यक्ति काम करवाने के नाम पर पैसे की मांग करे तो उसे कोई राशि न दें, सरकार सीधे लाभुकों तक सहायता पहुंचा रही है.
मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष औसत से कम वर्षा होने की संभावना है. ऐसे में किसानों को पहली बारिश के साथ ही धान की रोपनी शुरू कर देनी चाहिए. कम पानी में होने वाली फसलों जैसे मड़ुआ, तिलहन एवं दलहन की खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है.
मंत्री ने कहा कि मछली पालन आज रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है. विभाग द्वारा इस क्षेत्र में कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसानों को अवश्य लेना चाहिए. पशुपालन के क्षेत्र में भी विभाग द्वारा बकरी, मुर्गी, सुअर, गाय एवं भेड़ पालन के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं.
कृषि मंत्री ने कहा कि चान्हो क्षेत्र सब्जी उत्पादन में अग्रणी है लेकिन उचित बाजार मूल्य नहीं मिलने के कारण कई बार किसानों को टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियां सड़क पर फेंकनी पड़ती हैं. इस समस्या के समाधान के लिए मांडर के बुढाखुखरा में 5000 एमटी क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसका लाभ क्षेत्र के किसान उठा सकते हैं.


