Thursday, June 18, 2026

यूएस-ईरान शांति समझौते और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 254 अंक उछलकर 77,410 पर, लगातार पांचवें दिन बढ़ा बाजार.

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मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी का रुख रहा. गुरुवार को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ बंद हुए.

रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ बाजार
कारोबार के अंत में, 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 के स्तर पर बंद हुआ. ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स ने 77,492.33 का उच्च स्तर और 76,953 का निचला स्तर छुआ. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी भी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत चढ़कर 24,168 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा.

शांति समझौते से कच्चे तेल में भारी गिरावट
बाजार में इस तेजी की मुख्य वजह वैश्विक मोर्चे पर हुआ एक बड़ा भू-राजनीतिक घटनाक्रम रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्साय में एक डिनर के दौरान ईरान के साथ तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस शांति समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.23 प्रतिशत गिरकर 77.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.

कौन से शेयर चमके और कहां रही गिरावट?
सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में आज इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा मुनाफा देखा गया. तेल की कीमतें घटने से एविएशन सेक्टर को सीधा फायदा मिला. दूसरी तरफ, आईटी और ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई.

एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, यूएस-ईरान शांति समझौते से बाजार में शुरुआती उत्साह तो दिखा, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त बयानों ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में कमी आने से आने वाले समय में महंगाई की चिंता कम होगी.

वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में अपनी खरीदारी जारी रखी और बुधवार को ₹101.59 करोड़ के शेयर खरीदे.

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