मुजफ्फरपुर जिले में 15 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। पहले चरण में 15 केंद्र चुने गए हैं जहां आयुर्वेद पार्क भी विकसित होंगे। इन केंद्रों पर आयुर्वेद होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से इलाज की सुविधा होगी। सिविल सर्जन ने बताया कि सरकार इन्हें बनाकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी।
मुजफ्फरपुर। जिले में 15 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं। इसकी प्रक्रिया तो करीब दो माह पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन सेंटर चिह्नित करने से आगे बात नहीं बढ़ सकी। पिछले दिनों केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने इसकी समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने सिविल सर्जन से अपडेट रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि इसके आगे की प्रक्रिया शुरू करते हुए इसे पूरा किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंत्री न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करेगी बल्कि इसकी गुणवत्ता में भी सुधार होगी। जरूतमंदों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
विदित हो कि पहले से स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों के भवन को विकसित करते हुए वहां पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जाना है। पहले चरण में जिले के 15 सेंटर का चयन किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण का कार्य किया जाएगा।
आयुर्वेद पार्क भी किया जाएगा विकसित:
उन सेंटर पर फर्नीचर, आयुष से संबंधित दवा के साथ वहां पर आयुर्वेद पार्क भी बनेगा। केंद्र में गमले पर औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं। उसके महत्व को ग्रामीणों को बताया जाएगा। औषधीय पौधों के बारे में जागरूकता के साथ जानकारी भी दी जाएगी।
बताया गया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र कोदरिया मीनापुर, राजकीय होम्योपैथिक औषधालय बेदौल, राजकीय आयुर्वेद औषधालय चैनपुर मोतीपुर, राजकीय औषधालय सरैया, स्वास्थ्य केंद्र कुलदीप सरैया, राजकीय आयुर्वेद औषधालय बरियारपुर मुरौल, स्वास्थ्य उपकेंद्र मधुबन प्रताप औराई, स्वास्थ्य उपकेंद्र गोपालपुर कांटी, स्वास्थ्य उपकेंद्र शंकरपुर तेपरी बंदरा, स्वास्थ्य उपकेंद्र बेलाही लच्छी मीनापुर, स्वास्थ्य उपकेंद्र हुस्सेपुर साहेबगंज, स्वास्थ्य उपकेंद्र बाजिदपुर बोचहां, मथुरापुर मुकुंद सकरा और पिरौंछा गायघाट सेंटर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जाएगा। इन सेंटरों पर आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी पद्धति से जांच व इलाज की सुविधा होगी।
15 सेंटर का चयन किया गया था। हमलोगों को बनाना नहीं है, यह सरकार बनाकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करती है। इसे देखना होगा कि कहां तक कार्य हुआ है। – डॉ. अजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन


