नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने गुरुवार को एक नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें मालदीव जाने वाले भारतीय नागरिकों को सावधान किया गया है. यह चेतावनी इस देश के नए और मजबूत एंटी-नारकोटिक्स कानूनों के मद्देनजर दी गई है, जो मार्च 2026 में लागू हुए थे.
एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बदले हुए कानूनी ढांचे में ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए काफी कड़ी सज़ा दी गई है, जिसमें उम्रकैद और कुछ मामलों में मौत की सजा भी शामिल है. एडवाइजरी के मुताबिक, मालदीव के ड्रग्स एक्ट में हाल ही में किए गए बदलावों में न सिर्फ तस्करी के लिए बल्कि थोड़ी मात्रा में भी बैन चीजों को रखने के लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान है.

एजेंसी ने कहा कि बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में, कानून मौत की सजा की इजाजत देता है, बशर्ते मालदीव के कानूनी नियमों के तहत सक्षम कोर्ट इसकी पुष्टि करें.
यह चेतावनी हाल ही में मालदीव में भारतीय नागरिकों समेत विदेशी नागरिकों को ड्रग से जुड़े कथित अपराधों के लिए गिरफ्तार किए जाने की कई घटनाओं के बाद आई है. अधिकारियों का कहना है कि ये घटनाक्रम यात्रियों के लिए स्थानीय कानूनों के बारे में ज्यादा जागरूकता और उनका सख्ती से पालन करने की जरूरत को दिखाते हैं.

माले में भारतीय उच्चायोग ने भी समानांतर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने और मालदीव के नियमों का पूरी तरह से पालन करने की अपील की गई है. अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि स्थानीय कानूनों की जानकारी न होना बचाव के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके गंभीर कानूनी नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.
अपनी एडवाइजरी में, NCB ने भारतीय यात्रियों के लिए कुछ सावधानियां बताई हैं. नागरिकों को दूसरों की तरफ से पैकेज या सामान ले जाने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी गई है, बिना यह जाने कि उसमें क्या है.

एडवाइजरी में जोर दिया गया है कि,, अजनबियों या जान-पहचान वालों से भी बिना सही जांच-पड़ताल के कोई भी सामान न लिया जाए. यात्रियों को एयरपोर्ट, सीपोर्ट और ट्रांजिट हब पर भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है, जहां अनजान लोग उनसे सामान ले जाने के लिए कह सकते हैं. एनसीबी ने अनजाने में होने वाले उल्लंघन से बचने के लिए हर समय अपने निजी सामान पर पूरा कंट्रोल और निगरानी बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है.
इसके अलावा, एजेंसी ने नागरिकों से सतर्क रहने और MANAS नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (1933) के जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संपर्क की रिपोर्ट करने का आग्रह किया, जो ड्रग से जुड़े मामलों में जानकारी शेयर करने और मदद के लिए एक मुख्य प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है.

नशीले पदार्थों पर अपने जीरो-टॉलरेंस के रुख को दोहराते हुए, एनसीबी ने कहा कि वह ड्रग तस्करी को रोकने और विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. एडवाइजरी में कहा गया कि, सभी यात्री को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और जिन देशों में वे जा रहे हैं, वहां के कानूनी माहौल के बारे में पता होना चाहिए.

यह नई चेतावनी नारकोटिक्स को लेकर वैश्विक नियामक माहौल के तेजी से सख्त होने की याद दिलाती है, खासकर मालदीव जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल में, जहां गंभीर कानूनी नतीजों से बचने के लिए स्थानीय कानूनों का पालन करना बहुत जरूरी है.


