Wednesday, June 17, 2026

प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट कर्मचारियों को ईपीएफओ देगा पूरी सुरक्षा; डिजिटल पासबुक, पेंशन लाभ और तय समय में निकासी के कड़े नियम लागू.

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 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने निजी और सरकारी कंपनियों द्वारा संचालित निजी पीएफ ट्रस्टों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ईपीएफओ ने साफ किया है कि इन निजी ट्रस्टों में काम करने वाले कर्मचारियों के अधिकार किसी भी मामले में आम ईपीएफओ सदस्यों से कम नहीं हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत को वित्तीय जोखिमों से बचाना और पीएफ सिस्टम में पारदर्शिता लाना है.

क्या हैं कर्मचारियों के मुख्य अधिकार?
नियमों के मुताबिक, जब भी कोई कर्मचारी किसी ऐसी कंपनी में शामिल होता है जिसका अपना पीएफ ट्रस्ट है, तो उसे तुरंत एक ईपीएफ खाता नंबर देना और उसे यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक करना अनिवार्य है. कर्मचारी के वेतन से काटा गया 12% पीएफ का हिस्सा सीधे कंपनी के प्राइवेट ट्रस्ट में जमा होता है.

नियोक्ता के 12% हिस्से में से 8.33% राशि ईपीएफओ के केंद्रीय पेंशन खाते (EPS-95) में जाती है, जबकि बची हुई 3.67% राशि कंपनी के निजी ट्रस्ट खाते में जमा होती है. यदि कोई कर्मचारी पेंशन के लिए पात्र नहीं है, तो नियोक्ता का पूरा 12% योगदान ट्रस्ट के पीएफ खाते में ही जमा किया जाएगा.

कंपनियों के लिए इन नियमों का पालन करना है जरूरी.
नियमों का प्रदर्शन: सभी कंपनियों को अपने पीएफ ट्रस्ट के नियमों की एक प्रति कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी ताकि कर्मचारी उन्हें आसानी से पढ़ सकें.

संशोधन का लाभ: यदि ईपीएफओ अपने नियमों या योजनाओं में कर्मचारियों के हित में कोई भी बदलाव करता है, तो वे लाभ निजी पीएफ ट्रस्ट के सदस्यों पर भी अपने आप लागू हो जाएंगे.

पारदर्शिता और डिजिटल पासबुक: कंपनियों को अपने कर्मचारियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर अपना पीएफ खाता देखने की सुविधा देनी होगी. इसके अलावा, वित्त वर्ष के अंत में सभी को मुफ्त में पीएफ पासबुक देना अनिवार्य है.

समय पर भुगतान: बीमारी, शिक्षा, शादी या घर खरीदने जैसे कारणों के लिए एडवांस पीएफ निकासी और नौकरी बदलने पर फंड ट्रांसफर का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा.

ब्याज दर पर लगी अधिकतम सीमा
अब कोई भी निजी पीएफ ट्रस्ट ईपीएफओ द्वारा घोषित वार्षिक ब्याज दर से 2% से अधिक ब्याज नहीं दे सकेगा. पहले कुछ छोटे ट्रस्ट ज्यादा ब्याज का लालच देकर फंड को जोखिम में डाल देते थे, जिससे कर्मचारियों का पैसा डूबने का खतरा रहता था.

अधिकार न मिलने पर यहां करें शिकायत
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि निजी पीएफ ट्रस्टों का मकसद कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना है. यदि किसी कर्मचारी को ये अधिकार या सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तो वे सबसे पहले अपने नियोक्ता या ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज से शिकायत कर सकते हैं. यदि वहां सुनवाई नहीं होती है, तो कर्मचारी सीधे क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को ईमेल भेज सकते हैं या ईपीएफओ के आधिकारिक शिकायत पोर्टल (EPFiGMS) पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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