Friday, October 23, 2026

मानव संपदा पोर्टल हर तीन महीने में 7 दिन खोलने का प्रस्ताव, वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने CS को लिखा पत्र.

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रांची | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

झारखंड में मानव संपदा पोर्टल को खोलने की अवधि बढ़ाने को लेकर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रक्रियात्मक जटिलताओं को कम करने और कर्मचारियों को राहत देने के लिए पोर्टल को हर तीन महीने में सात दिनों के लिए खोलने पर विचार किया जाए।

मामला उन पुलिसकर्मियों से जुड़ा है, जो निर्धारित अवधि में पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं कर सके। वित्त मंत्री के अनुसार, 300 से अधिक कनीय पुलिस पदाधिकारी समय पर संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं करा पाए हैं। ऐसे में उनके लिए पोर्टल दोबारा खोलने की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए।

पहले भी कार्मिक सचिव को लिखा गया था पत्र

मानव संपदा पोर्टल को दोबारा खोलने का मुद्दा इससे पहले भी उठाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखने से पहले कार्मिक सचिव से पूछा था कि निर्धारित अवधि के अतिरिक्त पोर्टल खोलने में कौन-सी वैधानिक बाधा है।

हालांकि, वित्त मंत्री को इस सवाल का जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब उन्होंने मुख्य सचिव से इस मामले में हस्तक्षेप करने और पोर्टल खोलने के विकल्प पर विचार करने का आग्रह किया है।

जनवरी और फरवरी में खुलता है पोर्टल

रिपोर्ट के अनुसार, कार्मिक सचिव ने वित्त मंत्री को बताया था कि मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का विवरण दर्ज करने की सुविधा सामान्यतः जनवरी और फरवरी में उपलब्ध रहती है। अन्य महीनों में पोर्टल खोलना विभाग की ओर से ईज ऑफ गवर्नेंस यानी सुशासन के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना गया।

इसके जवाब में वित्त मंत्री ने तर्क दिया कि निर्धारित समय में विवरण दर्ज नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों को एक और अवसर देने से कार्मिक विभाग को प्रशासनिक या वित्तीय नुकसान नहीं होगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि हर तीन महीने में सात दिनों की अवधि निर्धारित करने से ऐसे मामलों के निष्पादन में मदद मिल सकती है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी उठाई मांग

मानव संपदा पोर्टल खोलने की मांग को झारखंड पुलिस एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि कनीय कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों का निपटारा होने से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा या पद पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेजने के कारण देरी होना चिंताजनक है। उसके अनुसार, नियमों का पालन करते हुए प्रशासनिक निर्णयों में मानवीय पहलुओं को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

क्या अब हर तीन महीने में खुलेगा मानव संपदा पोर्टल?

वित्त मंत्री ने पोर्टल को हर तीन महीने में सात दिनों के लिए खोलने का सुझाव दिया है, लेकिन इसे लागू करने के संबंध में अंतिम निर्णय की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।

यदि प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो समय पर संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं कर पाने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। हालांकि, पोर्टल खोलने की नई व्यवस्था, उसकी तारीख और पात्र कर्मचारियों के संबंध में आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।

फिलहाल यह मामला वित्त मंत्री के प्रस्ताव और प्रशासनिक विचार-विमर्श से जुड़ा है। कर्मचारियों को नई व्यवस्था लागू होने की पुष्टि के लिए कार्मिक विभाग या राज्य सरकार की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।

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