लातेहार | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
झारखंड के लातेहार जिले के मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एंबुलेंस चालक की सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में सरकारी और अनुबंधित चिकित्सा कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। मामला आउटसोर्स एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी से जुड़ा है, जिसका मरीज के परिजनों के साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने 22 अक्टूबर को चालक की सेवा समाप्त कर दी थी।
चिकित्सा कर्मियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले घटना के पूरे संदर्भ की जांच होनी चाहिए थी। उन्होंने चालक की दोबारा बहाली की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
जानकारी के अनुसार, मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत आउटसोर्स एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में चालक को मरीज के परिजनों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते देखा गया। घटना सामने आने के बाद भाजपा, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मामले की निंदा की और चालक पर कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने 22 अक्टूबर को चालक की सेवा समाप्त कर दी।
चालक की बहाली की मांग पर धरने पर बैठे चिकित्सा कर्मी
चालक की सेवा समाप्त किए जाने के अगले दिन, 23 अक्टूबर को मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी और अनुबंधित चिकित्सक तथा अन्य चिकित्सा कर्मी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे डॉ. उमेश कुमार ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एकतरफा वीडियो के आधार पर चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, उनके पास घटना से संबंधित करीब 18 मिनट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग है, जिसमें मरीज के परिजनों और चिकित्सा कर्मियों के बीच हुई पूरी घटना देखी जा सकती है।
डॉ. उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान मरीज के परिजनों के साथ मौजूद एक व्यक्ति नशे की हालत में था और वही सबसे अधिक अभद्र व्यवहार कर रहा था। ये बातें धरने पर बैठे चिकित्सा कर्मियों की ओर से कही गई हैं। सीसीटीवी फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
राजनीतिक दलों पर भी लगाए आरोप
डॉ. उमेश कुमार ने मामले को लेकर मनिका के कुछ राजनीतिक दलों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चालक के दूसरे संप्रदाय से होने के कारण मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित राजनीतिक दलों का पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
बहाली नहीं होने तक चिकित्सा सेवा बंद रखने की चेतावनी
धरने पर बैठे चिकित्सा कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक तबारक अंसारी को एंबुलेंस चालक के पद पर दोबारा बहाल नहीं किया जाता, तब तक मनिका प्रखंड क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चिकित्सा सेवा नहीं देने का उनका निर्णय रहेगा।
यदि यह विरोध जारी रहता है, तो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल विवाद का समाधान प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा। मामले में चालक की सेवा समाप्त करने के आधार, सीसीटीवी फुटेज और चिकित्सा कर्मियों की मांग पर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
BHARATSUPERFASTNEWS
