झारखंड में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा से जुड़ी तकनीकी शिकायत पर हाई कोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC के कंप्यूटर और आईटी विशेषज्ञों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। अदालत अब तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में यह जांच कराएगी कि अभ्यर्थियों की Response Sheet और Answer Key पोर्टल पर उपलब्ध है या नहीं।
यह आदेश अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर आ रही परेशानी की शिकायत के बाद दिया गया।
अभ्यर्थियों को ई-मेल आईडी और पासवर्ड के साथ बुलाया गया
विकास पांडेय और अन्य की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने याचिकाकर्ताओं को भी अगली सुनवाई में अपनी ई-मेल आईडी और पासवर्ड के साथ उपस्थित होने को कहा है।
अदालत की मौजूदगी में JSSC के तकनीकी विशेषज्ञ पोर्टल पर लॉग-इन कर जांच करेंगे कि संबंधित अभ्यर्थियों की Response Sheet या Answer Key दिखाई दे रही है या नहीं। साथ ही, उसे डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, इसका भी परीक्षण किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
माध्यमिक आचार्य परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत की थी कि परीक्षा के बाद वे JSSC की वेबसाइट से अपनी Response Sheet और Answer Key डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार, पोर्टल पर ई-मेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करने के बाद “User Does Not Exist” का संदेश दिखाई दे रहा था। इस कारण वे परीक्षा से संबंधित जरूरी दस्तावेज प्राप्त नहीं कर सके।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि तकनीकी समस्या की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आयोग के विशेषज्ञों की मौजूदगी में पोर्टल की जांच कराई जाए।
JSSC ने हलफनामे में क्या कहा?
मामले में JSSC की ओर से हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। आयोग ने इसमें संभावना जताई है कि अभ्यर्थियों द्वारा ई-मेल आईडी या पासवर्ड सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने के कारण पोर्टल पर “User Does Not Exist” का संदेश आया हो।
हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से तकनीकी जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। इसी को देखते हुए हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई में विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
13 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन JSSC के कंप्यूटर और आईटी विशेषज्ञों की मौजूदगी में अभ्यर्थियों की लॉग-इन संबंधी समस्या और Response Sheet/Answer Key की उपलब्धता की जांच की जाएगी।
अदालत की इस प्रक्रिया से परीक्षा से जुड़े तकनीकी विवाद की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
