Sunday, October 18, 2026

महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा, रांची के मंदिरों में खोइचा भरने पहुंचीं महिलाएं.

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रांची: शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर रविवार को राजधानी रांची के देवी मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही भक्त माता के दर्शन करने पहुंचे। कई मंदिरों में महिलाओं ने चुनरी, नारियल, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर खोइचा भरा तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

अरगोड़ा, किशोरगंज, डोरंडा, धुर्वा, रातू रोड, बरियातू मेडिकल चौक और अशोकनगर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित देवी मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान हुए। पूजा के दौरान मंदिरों में भक्तिमय माहौल बना रहा।

महाष्टमी पर मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष आयोजन

महाष्टमी के अवसर पर रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में भी मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की आराधना की गई। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचने लगे। कई स्थानों पर दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही।

अरगोड़ा चौक स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। व्रत रखने वाली महिलाओं ने धूप, दीप, नारियल, फल और चुनरी के साथ पूजा की। इस दौरान खोइचा भरकर माता से मंगल और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की गई। मंदिर परिसर में ढाक, ढोल और नगाड़ों की ध्वनि से माहौल भक्तिमय बना रहा।

मां महागौरी की पूजा का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी नवदुर्गा का आठवां स्वरूप हैं। महाष्टमी पर उनकी आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विधि-विधान से पूजा कर माता का आशीर्वाद मांगते हैं।

नवरात्रि के दौरान महाष्टमी और महानवमी को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है। कई मंदिरों और पूजा पंडालों में इन अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

सोमवार को महानवमी की पूजा को लेकर तैयारी

रांची के हरमू निवासी पंडित अविनाश शास्त्री के अनुसार, महाष्टमी रविवार सुबह छह बजे से शुरू हुई और सोमवार सुबह 7:44 बजे तक रहने की जानकारी दी गई। उनके बताए समय के मुताबिक, इसके बाद अष्टमी

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