Sunday, October 18, 2026

जियाडा में कथित फर्जी प्रमाण-पत्र का मामला, पीयूष कुमार शील पर FIR दर्ज.

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देवघर: झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) में बंद औद्योगिक इकाई को चालू दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय उपनिदेशक दीपमाला की शिकायत पर जसीडीह थाने में पीयूष कुमार शील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, झारखंड एग्रो इंडस्ट्रीज नामक इकाई बंद है, लेकिन उसे उत्पादन में चालू दिखाने के लिए ‘यूनिट इन प्रोडक्शन’ प्रमाण-पत्र तैयार किए जाने का आरोप है। बताया गया है कि 15 अक्टूबर को इस प्रमाण-पत्र को जारी करने से इनकार कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी पर कथित रूप से अपने स्तर से प्रमाण-पत्र तैयार करने और उस पर क्षेत्रीय उपनिदेशक के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया गया है।

कार्यालय के पत्रांक के इस्तेमाल का भी आरोप

शिकायत में कहा गया है कि कथित प्रमाण-पत्र तैयार करने के लिए कार्यालय के पत्रांक का भी इस्तेमाल किया गया। आवेदन में कंप्यूटर ऑपरेटर चंदन कुमार और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी राजेश कुमार के सामने दस्तावेज तैयार किए जाने का उल्लेख है।

इसके अलावा, अधिकारियों पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं।

शारदा मिनी रिसॉर्ट के दस्तावेज भी जांच के दायरे में

मामले में शारदा मिनी रिसॉर्ट से संबंधित दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, रिसॉर्ट के लिए पजेशन सर्टिफिकेट और लीजहोल्ड राइट ट्रांसफर सर्टिफिकेट कथित तौर पर पूर्व क्षेत्रीय उपनिदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किए गए थे।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि पहले मौखिक चेतावनी दिए जाने के बावजूद कथित अनियमितताएं जारी रहीं। क्षेत्रीय उपनिदेशक ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल, जसीडीह पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित फर्जीवाड़े और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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