रांची: झारखंड और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने एक और कदम बढ़ाया है। पूर्वी रेलवे ने पीरपैंती-जसीडीह नई बड़ी रेल लाइन परियोजना के तहत महागामा-पीरपैंती सेक्शन के निर्माण के लिए ई-टेंडर जारी किया है। इस हिस्से में करीब 32.1 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जाएगी।
531 करोड़ रुपये से बनेगी नई रेल लाइन
टेंडर के मुताबिक महागामा से पीरपैंती के बीच बनने वाली रेल लाइन किमी 60.000 से किमी 92.100 तक प्रस्तावित है। परियोजना के निर्माण की अनुमानित लागत 531.03 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
काम पूरा करने के लिए चयनित ठेकेदार को 630 दिन यानी करीब 21 महीने का समय दिया जाएगा।
सिविल वर्क से लेकर सिग्नल-टेलीकॉम तक होंगे काम
टेंडर के दायरे में केवल रेलवे ट्रैक बिछाने का काम ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कई दूसरे कार्य भी शामिल हैं। परियोजना में मुख्य रूप से:
- रेलवे लाइन का सिविल निर्माण
- नई पटरी बिछाना
- विद्युत संबंधी कार्य
- सिग्नलिंग सिस्टम
- टेलीकॉम से जुड़े कार्य
शामिल होंगे।
JV और Consortium कंपनियां भी ले सकेंगी हिस्सा
टेंडर प्रक्रिया में संयुक्त उद्यम यानी JV या Consortium के जरिए भी भाग लेने की अनुमति दी गई है। एक JV या Consortium में अधिकतम चार सदस्य शामिल हो सकते हैं। इससे निर्माण कार्य के लिए अधिक कंपनियों के प्रतिस्पर्धी रूप से बोली प्रक्रिया में शामिल होने का रास्ता खुलता है।
अक्टूबर में प्री-बिड मीटिंग, दिसंबर में अंतिम तारीख
रेलवे के टेंडर कार्यक्रम के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे प्री-बिड कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। वहीं बोली प्रक्रिया 26 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
इच्छुक कंपनियां 10 दिसंबर 2026 को सुबह 11 बजे तक अपना टेंडर जमा कर सकेंगी।
संथाल परगना और सीमावर्ती बिहार को मिलेगा फायदा
महागामा-पीरपैंती रेल लाइन के निर्माण से झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। नई लाइन से यात्रियों के आवागमन को सुविधा मिलने के साथ माल परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।
