Tuesday, October 6, 2026

भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, व्यापार से AI तक सहयोग बढ़ाने पर जोर.

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नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: भारत और स्विट्जरलैंड ने आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस सहयोग का उद्देश्य बाजारों तक पहुंच आसान करने के साथ निवेश और व्यापार के नए अवसर तैयार करना है।

TEPA को बताया गया साझेदारी का अहम आधार

भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य देशों—स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और लिकटेंस्टीन—के बीच Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था।

इस समझौते को यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ भारत की व्यापारिक साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके जरिए निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और दोनों पक्षों के बीच आर्थिक गतिविधियों को गति देने की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पर भी फोकस

केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक दोनों देशों की साझेदारी केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं है।

इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे भविष्य से जुड़े क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने पर भी ध्यान है।

कृषि से फार्मा तक भारतीय निर्यात को फायदा

साझेदारी मजबूत होने से भारतीय उत्पादों को स्विट्जरलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है। खास तौर पर कृषि उत्पाद, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात के लिए अवसर बढ़ सकते हैं।

दूसरी ओर भारत बायोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, बीमा, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दे रहा है।

पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति के बीच हुई अहम चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन के बीच नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बातचीत हुई। चर्चा में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के अलावा रक्षा उत्पादन, सैन्य सहयोग, परमाणु ऊर्जा, विज्ञान एवं तकनीक और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और स्विट्जरलैंड के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति के लिए भारत के रुख का उल्लेख करते हुए सार्थक कूटनीतिक प्रयासों के समर्थन की बात कही।

वैश्विक सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने की तैयारी

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बढ़ता सहयोग ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों देश वैश्विक व्यापार व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं। बाजार पहुंच, निवेश, तकनीकी सहयोग और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ने से दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच कारोबारी संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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