Thursday, November 5, 2026

भगहर सुरक्षित वन क्षेत्र में लकड़ी तस्करी का मामला, वन विभाग ने लकड़ी लदा ट्रैक्टर किया जब्त

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हजारीबाग, 5 नवंबर 2026: चौपारण के भगहर सुरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी का मामला सामने आया है। गुरुवार को वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर बिना नंबर प्लेट वाला एक ट्रैक्टर जब्त किया। ट्रैक्टर के डाले में विभिन्न प्रजातियों की कच्ची लकड़ियां लदी हुई थीं। कार्रवाई के दौरान चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।

गुप्त सूचना पर वन विभाग ने की छापेमारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि भगहर सुरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को ट्रैक्टर पर लादकर बाहर ले जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।

इसके बाद प्रभारी वनपाल अमन कुमार उर्फ प्यारे लाल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मौके पर छापेमारी की। टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर भागने लगा। वनकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन वह जंगल और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया।

इसके बाद टीम ने लकड़ी समेत ट्रैक्टर को जब्त कर रेंज कार्यालय पहुंचा दिया।

ट्रैक्टर के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटा विभाग

प्रभारी वनपाल अमन कुमार उर्फ प्यारे लाल ने बताया कि वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ विभाग लगातार अभियान चला रहा है। जब्त ट्रैक्टर के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि परसातरी भगहर निवासी श्री यादव की कथित संलिप्तता के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत वन वाद दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जंगल में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के भी आरोप

ट्रैक्टर जब्ती की कार्रवाई के बाद भगहर सुरक्षित वन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर जंगल में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, अवैध मकान निर्माण और वन भूमि पर कब्जे की चर्चा है।

कुछ लोगों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि विभाग की कार्रवाई अक्सर छोटी-मोटी जब्ती तक सीमित रह जाती है और जंगल के भीतर कथित अतिक्रमण तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

वनकर्मियों की मिलीभगत के आरोप, स्वतंत्र पुष्टि नहीं

मामले में कुछ वनकर्मियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वन विभाग की जांच में लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी से जुड़े किन लोगों की भूमिका सामने आती है। साथ ही, सुरक्षित वन क्षेत्र में कथित अतिक्रमण और अन्य गतिविधियों की जांच को लेकर भी विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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