Sunday, October 18, 2026

बोकारो स्टील प्लांट का मेन गेट 20 घंटे बाद खुला, कर्मचारियों की आवाजाही बहाल.

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बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में विस्थापित संगठनों के आंदोलन के कारण करीब 20 घंटे तक बाधित रही आवाजाही रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को मुख्य द्वार खुलने के बाद फिर शुरू हो गई। सेल प्रबंधन की अपील और जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद गेट पर जारी नाकेबंदी हटाई गई। इससे संयंत्र के अंदर फंसे अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकलने तथा नई शिफ्ट के कर्मियों को ड्यूटी पर पहुंचने का मौका मिला।

गेट बंद रहने से संयंत्र की प्रमुख उत्पादन इकाइयों का कामकाज प्रभावित हुआ था। प्रबंधन के अनुसार, उत्पादन को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौटने में अभी चार से पांच दिन लग सकते हैं। औद्योगिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने बीएसएल के मुख्य द्वार के आसपास निषेधाज्ञा भी लागू की है।

बीएसएल के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा

चास के अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के तहत संयंत्र के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लागू किया है। आदेश 18 अक्टूबर से अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

इसके तहत निर्धारित क्षेत्र में पांच या अधिक लोगों के एक साथ जुटने, भीड़ लगाने और अनावश्यक रूप से घूमने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

मुख्य द्वार खुलने के बाद कर्मचारियों की आवाजाही शुरू होने से राहत मिली है। हालांकि, संयंत्र का उत्पादन और सभी औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह सामान्य होने में कुछ और समय लगने का अनुमान है।

नाकेबंदी से प्रमुख उत्पादन इकाइयों का काम प्रभावित

17 अक्टूबर 2026 की उत्पादन रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलन के कारण ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS-1 और SMS-2) समेत संयंत्र की प्रमुख उत्पादन इकाइयों और मिलों का परिचालन प्रभावित होकर ठप हो गया था।

प्रबंधन के अनुसार, इस व्यवधान से बीएसएल को प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान था। विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के दौरान संयंत्र के मुख्य द्वार समेत दूसरे प्रवेश मार्गों पर भी आवागमन बाधित हुआ। इसका असर अधिकारियों, स्थायी कर्मचारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों पर पड़ा।

रविवार को मेन गेट खुलने के बाद नई शिफ्ट के कर्मचारियों का प्रवेश शुरू हुआ और अंदर मौजूद कर्मियों को बाहर निकलने का रास्ता मिला। अब उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है।

18 से 20 घंटे तक अंदर फंसे रहे अधिकारी-कर्मचारी

संयंत्र के प्रवेश द्वार बंद रहने के कारण ड्यूटी पर तैनात कई अधिकारी और कर्मचारी करीब 18 से 20 घंटे तक अंदर ही फंसे रहे। इस दौरान भोजन और पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी होने की जानकारी सामने आई।

लंबे समय तक ड्यूटी करने और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। रविवार को गेट खुलने के बाद बाहर निकले कर्मियों को राहत मिली।

औद्योगिक सुरक्षा और गैस प्रणालियों की निगरानी बनी चुनौती

बोकारो स्टील प्लांट में उच्च तापमान, पिघले हुए स्टील और औद्योगिक गैस प्रणालियों से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों का पालन और तकनीकी प्रणालियों की लगातार निगरानी बेहद जरूरी होती है।

संयंत्र के प्रवेश द्वारों पर लंबे समय तक अवरोध बने रहने से कर्मचारियों की आवाजाही और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान गैस रिसाव या किसी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन की ओर से प्रशासन से हस्तक्षेप कर प्रवेश द्वारों पर आवागमन बहाल कराने की अपील की गई थी।

प्रतिबंधित क्षेत्र में जुलूस और हथियार ले जाने पर रोक

प्रशासनिक आदेश के तहत मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में जुलूस, रैली, सभा, धरना और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा आग्नेयास्त्रों और लाठी-डंडे, भाला, तलवार, तीर-धनुष जैसे हथियारों के साथ-साथ कुदाल और गैता जैसे उपकरण ले जाने पर भी रोक रहेगी।

आदेश का उद्देश्य संयंत्र के प्रवेश मार्गों पर आवागमन बनाए रखना और औद्योगिक गतिविधियों में दोबारा व्यवधान की आशंका को कम करना है। प्रशासन ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और बल को प्रतिबंधित क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है।

टू टैंक गार्डन के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टू टैंक गार्डन के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से अपनी मांगें रखने पर आपत्ति नहीं है। नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के कारण संयंत्र के प्रवेश द्वारों या सार्वजनिक रास्तों को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

चास अनुमंडल प्रशासन ने संबंधित संगठनों से संयम बरतने और औद्योगिक शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि कर्मचारियों, आम नागरिकों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।

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