बिहार में 340 दीदी की रसोई संचालित हैं, जिनसे 6,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। 17 जनवरी को राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में एक नई रसोई का शुभारंभ होगा, जहां 1600 रंगरूटों को भोजन मिलेगा। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रही है। भविष्य में सभी जिला अस्पतालों और कलेक्ट्रेट में भी दीदी की रसोई शुरू होंगी, जिनकी निगरानी अन्नपूर्णा जीविका उत्पादक कंपनी करेगी।
पटना। राज्य में अभी तक 340 दीदी की रसोई संचालित हो रही है। इसके सहारे लगभग छह हजार से भी अधिक महिलाओं के हाथों को रोजगार मिल चुका है। 17 जनवरी को राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में इस रसोई का शुभारंभ होगा। वहां एक साथ 1600 रंगरूटों (नवनियुक्त पुलिसकर्मी) के लिए भोजन-नाश्ते की व्यवस्था जीविका दीदियां करेंगी। इसके लिए 150 जीविका दीदियां अलग-अलग शिफ्ट में अपनी सेवा देंगी।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि दीदी की रसोई मात्र भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने का एक सशक्त माध्यम है। आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट में दीदी की रसोई संचालित होगी। दीदी की रसोई में बनने वाले व्यंजन की निगरानी के लिए विभाग ने अन्नपूर्णा जीविका उत्पादक कंपनी को जिम्मेदारी सौंप रखी है।
इसी के साथ विभाग का दावा है कि दीदी की रसोई से अस्पतालों और स्कूलों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा। जिला अस्पतालों और आवासीय विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता-भोजन परोसा जा रहा है।
यहां हो रहा रसोई का संचालन
सभी मेडिकल कालेज, सभी अनुंडलीय अस्पताल, सभी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति आवासीय स्कूल, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग आवासीय स्कूल, सभी अल्पसंख्यक कल्याण आवासीय स्कूल, आरा स्थित बिहार इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइज साइंसेज, पुलिस मुख्यालय पटना, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (बीएसएपी, पुलिस लाइन), जिला मुख्यालय स्तर पर बस डिपो, प्रखंड मुख्यालय, अनुमंडल कार्यालय, समाहरणालय परिसर, प्रखंड स्तरीय कैंटीन, वृद्धाश्रम, विभिन्न शासकीय एवं सार्वजनिक संस्थान।


