बिहार में सरकार गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। वर्तमान विधानसभा 19 नवंबर को भंग हो जाएगी। राज्यपाल ने नीतीश कुमार से कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का अनुरोध किया है। जल्द ही एनडीए की बैठक में मुख्यमंत्री पद पर फैसला हो सकता है।
पटना। बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को औपचारिक रूप से वर्तमान विधानसभा भंग करने संबंधी पत्र सौंप दिया। इसके साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि बिहार विधानसभा 19 नवंबर को भंग कर दी जाएगी, जिसके बाद नई सरकार बनाने का मार्ग पूरी तरह साफ हो जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की औपचारिक कार्यवाही तेज हो गई है। राजभवन को सौंपा गया पत्र इसी प्रक्रिया की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। सूत्रों के अनुसार, 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा की अवधि समाप्त होने के बाद, राज्यपाल नए सरकार गठन के लिए NDA गठबंधन को औपचारिक निमंत्रण दे सकते हैं
इससे पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें नए नेता के चयन पर मुहर लगाई जाएगी। उसके बाद NDA की संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम फैसला होगा।
नीतीश कुमार का राजभवन जाना इस बात का संकेत है कि सरकार गठन का खाका लगभग तय हो चुका है और औपचारिक घोषणा किसी भी समय हो सकती है। बिहार में यह राजनीतिक हलचल अगले 48 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है।


