Saturday, April 25, 2026

बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-4) के तहत लगभग 44 हजार पदों पर बहाली की तैयारी पूरी हो गई है।

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बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-4) के तहत लगभग 44 हजार पदों पर बहाली की तैयारी पूरी हो गई है। शिक्षा विभाग ने रिक्तियों का ब्योरा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा है, जो एक सप्ताह में बीपीएससी को फाइल भेजेगा। फरवरी अंत या मार्च की शुरुआत में नोटिफिकेशन आने की संभावना है। इसमें डोमिसाइल नीति और महिला आरक्षण का विशेष प्रावधान है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।

पटना। बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर लंबे इंतजार के बाद सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति यानी TRE-4 के तहत करीब 44 हजार पदों पर बहाली की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। शिक्षा विभाग को कक्षा 1 से 12 तक की रिक्तियों का विस्तृत ब्योरा सभी जिलों से मिल चुका है और आरक्षण रोस्टर के अनुसार पदों को क्लियर कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है।

एक हफ्ते में BPSC तक पहुंचेगी फाइल

सूत्रों के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग में अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर फाइल बीपीएससी को भेजी जा सकती है। इसके बाद फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इससे लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

कक्षा 1 से 12 तक इतने पदों पर होगी बहाली

  • TRE-4 के तहत बहाली का खाका भी लगभग तय हो गया है।
  • कक्षा 9 से 12 तक करीब 25 हजार पद, जबकि
  • कक्षा 1 से 8 तक लगभग 19 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
  • सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनाव से पहले युवाओं को साधने की रणनीति बता रहा है।

दो साल में 2.27 लाख शिक्षक, अब और बढ़ेगी संख्या

पिछले दो वर्षों में बीपीएससी के जरिए तीन चरणों में 2 लाख 27 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। TRE-4 पूरा होने के बाद बिहार में शिक्षकों की कुल संख्या करीब 6 लाख 40 हजार पहुंच जाएगी। इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्र-शिक्षक अनुपात पर पड़ेगा।

छात्र-शिक्षक अनुपात में होगा सुधार

फिलहाल बिहार में औसतन 29 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। TRE-4 की बहाली के बाद यह अनुपात घटकर करीब 27 छात्रों पर एक शिक्षक होने का अनुमान है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लगभग पूरी तरह खत्म किया जाए।

डोमिसाइल नीति पहली बार सख्ती से लागू

TRE-4 की सबसे अहम और सियासी रूप से संवेदनशील बात है डोमिसाइल नीति। इस बार करीब 85 फीसदी सीटें बिहार के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। केवल 15 फीसदी सीटों पर ही दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा। यह प्रावधान बिहार के युवाओं के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है।

महिला अभ्यर्थियों को भी मिलेगा बड़ा लाभ

  • महिला अभ्यर्थियों के लिए भी आरक्षण का दायरा बढ़ाया गया है।
  • कक्षा 1 से 5 तक 50 फीसदी,
  • जबकि अन्य श्रेणियों में 35 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
  • सरकार का दावा है कि इससे महिला शिक्षकों की भागीदारी और मजबूत होगी।

चुनावी साल में बड़ा दांव

हालांकि शिक्षा विभाग की मंशा दिसंबर 2025 तक सभी रिक्तियां भेजने की थी, लेकिन आरक्षण रोस्टर की कानूनी पेचिदगियों और चुनावी सरगर्मी के कारण प्रक्रिया धीमी रही। अब TRE-4 को लेकर तेज हुई हलचल ने साफ कर दिया है कि शिक्षक बहाली आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और युवाओं के एजेंडे के केंद्र में रहने वाली है।

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