Thursday, October 15, 2026

बिहार में गंगा की बाढ़ से निपटने की तैयारी, दिल्ली में बनेगा मास्टर प्लान; DPR में AI का होगा इस्तेमाल.

Share

पटना, 15 अक्टूबर 2026: बिहार में गंगा नदी से जुड़ी बाढ़ की समस्या के समाधान और जल प्रबंधन को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर चर्चा की तैयारी है। गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) की 19वीं बैठक 27 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बिहार की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी राज्य का पक्ष रखेंगे।

बैठक में फरक्का बराज, गंगा जल बंटवारे और बिहार में बाढ़ नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा देशभर में बाढ़ के जोखिम को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करने, नदियों के जल प्रबंधन में सुधार और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हैं।

फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे पर बिहार रखेगा पक्ष

फरक्का बराज और गंगा के पानी के बंटवारे का मुद्दा बिहार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में राज्य की बाढ़ संबंधी समस्याओं और उनके संभावित समाधान पर चर्चा होगी।

भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे से जुड़े समझौते पर भी बातचीत अहम रहने की उम्मीद है। खबर के अनुसार, दिसंबर में इस विषय पर नए समझौते की संभावना को देखते हुए बिहार अपने हितों को लेकर पक्ष रखेगा। हालांकि, किसी नए समझौते पर अंतिम निर्णय होने की पुष्टि अभी नहीं है।

देशभर के लिए तैयार हो सकता है जोखिम आधारित मास्टर प्लान

बैठक में बाढ़ नियंत्रण के लिए जोखिम आधारित राष्ट्रीय मास्टर प्लान तैयार करने पर विचार किया जाएगा। इसका उद्देश्य बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान, जोखिम का आकलन और नियंत्रण संबंधी उपायों की बेहतर योजना बनाना है।

इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण के लिए पहले किए गए कार्यों के परिणामों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तथा दिशा-निर्देश तैयार करने पर भी चर्चा हो सकती है।

DPR बनाने में AI तकनीक के इस्तेमाल पर मंथन

बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने में आधुनिक तकनीक और AI के इस्तेमाल पर भी विचार किया जाएगा।

AI आधारित तकनीकों से उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण, जोखिम का आकलन और परियोजनाओं की योजना बनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, बैठक में इस तकनीक के इस्तेमाल को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा, यह चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।

नदियों के जल प्रबंधन और राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर चर्चा

बैठक में नदियों के पानी के प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण के लिए देशव्यापी डैशबोर्ड विकसित करने और रेलवे तथा सड़क से संबंधित जलमार्गों के लिए दिशा-निर्देश बनाने जैसे विषय भी उठाए जा सकते हैं।

इसके अलावा गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग की पिछली यानी 18वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा और आयोग में किए गए बदलावों पर औपचारिक सहमति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

बिहार के लिए क्यों अहम है यह बैठक?

गंगा नदी और उससे जुड़ी बाढ़ की समस्या बिहार के कई इलाकों के लिए चुनौती रही है। ऐसे में फरक्का बराज, जल बंटवारे, नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं पर होने वाली यह बैठक राज्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, बैठक में प्रस्तावित योजनाओं पर चर्चा और निर्णय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बिहार में बाढ़ नियंत्रण के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाएंगे और उनका क्रियान्वयन किस समय-सीमा में होगा।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News