पटना: बिहार में पुलिस की खुफिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलास्तर पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। राज्य के 40 पुलिस जिलों में कार्यालय स्थापित करने की योजना के तहत अब तक 35 जिलों में आईबी कार्यालय काम करना शुरू कर चुके हैं। बाकी पांच जिलों में भी अगले एक महीने के भीतर कार्यालय शुरू किए जाने की संभावना है।
138 दारोगा विशेष शाखा में तैनात
जिलों में खुफिया गतिविधियों को संभालने के लिए 138 दारोगाओं को विशेष शाखा में पदस्थापित किया गया है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, जिन 35 जिलों में कार्यालय शुरू हुए हैं, वहां सरकारी भवनों में इनके लिए व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक जिले में करीब तीन से चार अधिकारियों की तैनाती की गई है। इनकी जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटाने और उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की होगी।
स्थानीय गतिविधियों की जानकारी जुटाएंगे अधिकारी
आईबी की जिला इकाइयां अपने क्षेत्र में होने वाली महत्वपूर्ण गतिविधियों पर नजर रखेंगी। जरूरी सूचनाओं को नियमित रूप से विशेष शाखा के साथ साझा किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।
अधिकारियों की स्थानीय स्तर पर मौजूदगी से संवेदनशील मामलों से जुड़ी जानकारी समय पर मिलने और उसका विश्लेषण करने की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
नेपाल सीमा पर विशेष निगरानी
बिहार में आईबी के नए नेटवर्क का एक प्रमुख फोकस नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्र होंगे। राज्य की करीब 729 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा सात जिलों—पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—से होकर गुजरती है।
इन इलाकों में सीमा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और संबंधित सूचनाओं को समय पर साझा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
तस्करी और अवैध गतिविधियों पर भी नजर
नेपाल सीमा की खुली प्रकृति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अवैध आवाजाही, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, नकली मुद्रा तथा अवैध व्यापार जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखती हैं। नए आईबी कार्यालयों के जरिए स्थानीय स्तर पर ऐसे मामलों से संबंधित खुफिया इनपुट को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
अन्य राज्यों से लगी सीमाओं पर भी फोकस
नेपाल के अलावा बिहार की उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से लगने वाली सीमाओं को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इन क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं का नेटवर्क मजबूत करने और पुलिस को समय पर इनपुट उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, सभी 40 पुलिस जिलों में आईबी कार्यालयों का विस्तार पूरा होने के बाद बिहार में स्थानीय स्तर से मिलने वाली खुफिया सूचनाओं के संग्रह और निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है।
