पटना:बिहार चुनाव के दौरान जो रूझान आए हैं उसमें NDA की भारी जीत दिख रही है. इस जीत से उत्साहिस केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने स्पष्ट रूप से “जेल-बेल, भ्रष्टाचार और जंगलराज” को नकारते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अमन-चैन और विकास के लिए वोट दिया है.
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा, “एक तरफ लालू यादव, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नेतृत्व है – जो जेल, बेल, भ्रष्टाचार, जंगलराज और लूट के प्रतीक हैं. दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेतृत्व है. बिहार की जनता ने अमन-चैन, शांति और विकास के लिए वोट दिया है.”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “आज का युवा शायद जंगलराज के उन काले दिनों को नहीं देख पाया हो, लेकिन बुजुर्गों ने लालू-राबड़ी राज के अपहरण, हत्या और अराजकता के दिन देखे हैं. यह जीत उन बुजुर्गों की भी है, जिन्होंने आने वाली पीढ़ी को फिर से उस अंधेरे में नहीं धकेलने का फैसला किया है.”
NDA की बंपर जीत: गिरिराज सिंह ने दावा किया कि मतगणना शुरू होते ही परिणाम साफ हो गया. उन्होंने कहा, “NDA न सिर्फ सरकार बना रही है, बल्कि भारी बहुमत के साथ वापसी कर रही है. बिहार की जनता ने जंगलराज के वारिसों को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है.”
NDA की प्रचंड लहर, महागठबंधन ध्वस्त: शुरुआती रुझानों में NDA 190 से अधिक सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है. 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में महागठबंधन 50 के आंकड़े को भी छूता नहीं दिख रहा. सबसे बड़ी बात यह कि जदयू अपने, भाजपा से आगे निकलकर सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है.
कमजोरी को नीतीश ने बनाया ताकत: प्रचार के दौरान विपक्ष लगातार नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र, थकान और बार-बार भाषण भूलने की क्लिपिंग्स को वायरल कर रहा था. रोजगार, पलायन और बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर तेजस्वी यादव ने नीतीश को लगभग रिटायरमेंट की ओर धकेलने की कोशिश की थी. लेकिन 75 साल की उम्र में नीतीश ने खुद मैदान में डेरा डाला, गांव-गांव पहुंचे और जनता से सीधा संवाद कायम किया. नतीजा यह कि विपक्ष के सारे दांव फुस्स हो गए.


