पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में सड़क, सिंचाई, कृषि, भंडारण और तकनीकी विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 13 एजेंडों पर निर्णय लिया गया। इनमें बक्सर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित 6 लेन एक्सप्रेसवे और किसानों के लिए सिंचाई व भंडारण सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
बक्सर-भागलपुर के बीच बनेगा 336 किमी एक्सप्रेसवे
राज्य में बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने की दिशा में कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर तक करीब 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रस्तावित मार्ग अरवल, जहानाबाद, नालंदा, जमुई समेत कई जिलों से होकर गुजरने की योजना है। यह नियंत्रित प्रवेश वाला एक्सप्रेसवे होगा, जहां वाहनों के लिए निर्धारित स्थानों से ही प्रवेश और निकास की व्यवस्था होगी।
परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके निर्माण से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन तेज होने की उम्मीद है।
11 हजार निजी नलकूप लगाने की योजना
किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाने का फैसला लिया गया है।
योजना के लिए 305.60 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। सरकार का लक्ष्य खेतों तक सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना है, जिससे कृषि गतिविधियों को सहारा मिल सके।
कटिहार में नहर नेटवर्क को किया जाएगा बेहतर
कटिहार जिले की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न नहरों और उप-वितरणियों के पुनर्स्थापन को भी मंजूरी मिली है। इसमें कटिहार वितरणी के साथ फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर उप-वितरणियों से संबंधित नहर प्रणालियां शामिल हैं।
इस परियोजना के लिए 35.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति प्रदान की गई है। नहरों के सुधार से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
AI क्षेत्र में सहयोग की तैयारी
राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी पहल को मंजूरी दी है। AI से जुड़े अवसरों, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टायो (Taiyo) AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
इस पहल के जरिए राज्य में नई तकनीक और AI आधारित संभावनाओं को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
पंचायत स्तर पर बढ़ेगी भंडारण क्षमता
सहकारिता क्षेत्र में भंडारण व्यवस्था को विस्तार देने का भी निर्णय लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 48,200 मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाने हैं। इसके लिए 52 चयनित समितियों को कुल 34.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा अनुदान और बाकी हिस्सा चक्रीय पूंजी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों को मिल सकता है सीधा लाभ
ग्रामीण और पंचायत स्तर पर गोदामों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी उपज रखने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे फसल कटाई के तुरंत बाद कम कीमत पर उपज बेचने का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
बिहार कैबिनेट के इन फैसलों में बुनियादी ढांचे के साथ कृषि, सिंचाई, सहकारिता और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता दी गई है। अब संबंधित विभागों के स्तर पर इन योजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
