Sunday, November 1, 2026

बिहार के 1,258 निजी ITI संस्थानों की होगी जांच, मानकों में कमी मिलने पर कार्रवाई की तैयारी

Share

पटना | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

बिहार में संचालित निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच की तैयारी शुरू कर दी है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग राज्य के सभी 1,258 निजी ITI संस्थानों का निरीक्षण कराने की योजना बना रहा है। जांच के दौरान संस्थानों में भवन, जमीन, क्लासरूम, प्रयोगशाला और शिक्षकों की उपलब्धता सहित कई जरूरी मानकों की पड़ताल की जाएगी।

जिन संस्थानों में निर्धारित नियमों और सुविधाओं की कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। जांच का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और ITI संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

राज्य के सभी 1,258 निजी ITI जांच के दायरे में

युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की तैयारी के अनुसार, राज्य के सभी निजी ITI संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर से निर्धारित मानकों को आधार बनाया जाएगा।

जांच में यह देखा जाएगा कि संस्थान संचालन की अनुमति लेते समय तय की गई शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

जमीन और भवन से जुड़े मानकों की होगी पड़ताल

निरीक्षण के दौरान संस्थानों के पास उपलब्ध जमीन और भवन की स्थिति की भी जांच होगी। खबर के अनुसार, 200 प्रशिक्षणार्थियों की क्षमता वाले ITI के लिए ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम दो एकड़ और शहरी क्षेत्र में सवा एकड़ जमीन का मानक निर्धारित है।

यदि कोई संस्थान लीज पर जमीन लेकर संचालित हो रहा है, तो लीज की अवधि कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा भवन निर्माण में निर्धारित बिल्डिंग बाइलॉज का पालन भी जरूरी है।

क्लासरूम और कैंपस की सुविधाएं भी जांची जाएंगी

ITI परिसर में प्रशिक्षण के अनुकूल व्यवस्था होना आवश्यक है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भवन की छत पक्की या औद्योगिक शीट की होनी चाहिए। कैंपस में आवागमन के लिए कम से कम छह गेट होने का भी मानक बताया गया है।

क्लासरूम के आकार को लेकर भी नियम निर्धारित हैं। खबर में दिए गए मानकों के अनुसार, एक क्लासरूम की लंबाई कम से कम 25 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं की उपलब्धता और स्थिति की जांच की जाएगी।

लैब और योग्य शिक्षकों की कमी की शिकायतें

विभाग को राज्य के कुछ निजी ITI में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी शिकायतें मिली हैं। बताया गया है कि कुछ संस्थान पक्के भवनों के बजाय टीन शेड वाले परिसरों में संचालित हो रहे हैं। वहीं, कई जगहों पर प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के लिए जरूरी लैब और उपकरणों की कमी की बात सामने आई है।

इसके अलावा योग्य और पेशेवर प्रशिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठे हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि संस्थानों में विद्यार्थियों को सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर हो सकती है कार्रवाई

केंद्र सरकार की ओर से ITI संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आधारभूत सुविधाओं की जांच पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में बिहार में भी निजी ITI के निरीक्षण की तैयारी की जा रही है।

जांच के दौरान जिन संस्थानों में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि निरीक्षण कब शुरू होगा और जांच पूरी करने के लिए कितनी समय-सीमा तय की गई है।

जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि राज्य के कितने निजी ITI निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं और कितने संस्थानों को सुधार की जरूरत है।

Bharat Superfast News

Read more

Local News