रांची | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत सोमवार को झारखंड के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही हाईकोर्ट की छह नई डिजिटल न्यायिक सेवाओं की शुरुआत भी की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डेटा सेंटर का उद्घाटन सोमवार शाम 7:30 बजे होगा।
रांची पहुंचने से पहले मुख्य न्यायाधीश देवघर में आयोजित झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के राज्यस्तरीय विधिक सेवा सह सशक्तीकरण शिविर में शामिल होंगे। यहां वह जरूरतमंदों और पीड़ितों को सहायता राशि के चेक तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ वितरित करेंगे।
देवघर में विधिक सेवा शिविर में होंगे शामिल
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत देवघर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा वह पलामू और रांची में स्थापित लीगल एड क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन भी करेंगे।
दोनों कार्यक्रमों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे।
हाईकोर्ट का डिजिटल केंद्र बनेगा डेटा सेंटर
रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में स्थापित डेटा सेंटर राज्य की न्यायिक व्यवस्था के डिजिटल कामकाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह हाईकोर्ट के साथ-साथ राज्य की अधीनस्थ अदालतों के डिजिटल संचालन का प्रमुख केंद्र होगा।
डेटा सेंटर में अत्याधुनिक सर्वर, केंद्रीकृत स्टोरेज, बैकअप सिस्टम, नेटवर्क सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न्यायिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और डिजिटल सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।
इसके माध्यम से केस इंफॉर्मेशन सिस्टम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल दस्तावेजों के प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
हाईकोर्ट की छह नई डिजिटल सेवाएं होंगी शुरू
डेटा सेंटर के उद्घाटन के साथ झारखंड हाईकोर्ट छह नई डिजिटल सुविधाएं भी शुरू करेगा। इनमें शामिल हैं—
- नई वेबसाइट: हाईकोर्ट की नई वेबसाइट के जरिए न्यायिक जानकारियां और ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी।
- ऑनलाइन प्रमाणित प्रति आवेदन: अब प्रमाणित दस्तावेजों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
- iOS मोबाइल एप: आईफोन उपयोगकर्ता भी केस की स्थिति, आदेश, फैसले और कॉज लिस्ट देख सकेंगे।
- अधिवक्ताओं के लिए पर्सनलाइज्ड कॉज लिस्ट: वकील अपनी जरूरत के अनुसार मामलों की सूची तैयार और सुरक्षित रख सकेंगे।
- ड्रैगन स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर: न्यायिक अधिकारी बोलकर आदेश तैयार करने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे।
- सुप्रीम टुडे AI सॉफ्टवेयर: कानूनी शोध और न्यायिक कार्यों में सहायता के लिए एआई आधारित सॉफ्टवेयर की शुरुआत होगी।
न्यायिक कामकाज को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम
नई डिजिटल सेवाओं का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग बढ़ाना और अदालतों से जुड़ी जानकारियों तक पहुंच आसान बनाना है। ऑनलाइन प्रमाणित प्रति आवेदन, मोबाइल एप और व्यक्तिगत कॉज लिस्ट जैसी सुविधाओं से अधिवक्ताओं तथा आम लोगों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, स्पीच-टू-टेक्स्ट और एआई आधारित सॉफ्टवेयर न्यायिक अधिकारियों को दस्तावेज तैयार करने और कानूनी शोध में तकनीकी सहायता उपलब्ध करा सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश के झारखंड दौरे के दौरान होने वाले ये कार्यक्रम राज्य की न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगे।
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