Sunday, November 1, 2026

बिहार के 1.06 लाख दुग्ध किसानों के खातों में पहुंचे 68.51 करोड़ रुपये, सुधा के विस्तार की भी तैयारी

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पटना | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

बिहार के 1,06,063 दुग्ध उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 68 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट अकाउंट ट्रांसफर के माध्यम से यह भुगतान किया। यह राशि राज्य की 5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के जरिए किसानों को 1 करोड़ 46 लाख 66 हजार 61 लीटर दूध की आपूर्ति के एवज में दी गई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। साथ ही पशुपालकों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाए गए कॉल सेंटर ‘सुधा संपर्क’ की भी शुरुआत की।

5,832 दुग्ध समितियों के माध्यम से हुआ भुगतान

कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 1,06,063 लाभार्थियों के खातों में 68.51 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से दुग्ध उत्पादकों को भुगतान में पारदर्शिता मिलेगी और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और पशुपालन बिहार की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।

असम और कोलकाता तक बढ़ेगा सुधा का कारोबार

कार्यक्रम के दौरान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुधा ब्रांड का विस्तार बिहार से बाहर भी किया जा रहा है।

  • असम के तेजपुर में प्रतिदिन 20 हजार लीटर क्षमता की इकाई शुरू हो चुकी है।
  • असम में प्रतिदिन 50 हजार लीटर क्षमता की एक और इकाई स्थापित करने की योजना है।
  • कोलकाता में प्रतिदिन 10 हजार लीटर क्षमता की इकाई स्थापित करने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दूध प्रसंस्करण, उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

राज्य में सक्रिय हैं 33,897 दुग्ध उत्पादक समितियां

विभागीय प्रस्तुतीकरण के मुताबिक, बिहार के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का लक्ष्य रखा गया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियों का गठन किया गया है। इसके साथ राज्य में सक्रिय समितियों की कुल संख्या 33,897 हो गई है।

वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का संग्रह किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दूध संग्रहण की निगरानी करेगा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

दुग्ध संग्रहण और परिवहन व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी के लिए पटना में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके जरिए दूध संग्रहण और परिवहन से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।

पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003456199 पर ‘सुधा संपर्क’ कॉल सेंटर भी संचालित किया जाएगा।

8,053 पंचायतों में खुलेंगे जीविका-सुधा बिक्री केंद्र

राज्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 3,200 ‘सुधा सखी’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक बिहार की सभी 8,053 पंचायतों में ‘जीविका-सुधा बिक्री केंद्र’ स्थापित करने की योजना है।

इसके अलावा महिलाओं को पशु औषधि बिक्री केंद्रों के संचालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।

पशुओं की नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

विभाग की ओर से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, डुमरांव में बछिया पालन केंद्र, मुंगेर में सीमन स्टेशन और 12 टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) संयंत्र स्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई।

इन पहलों का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना है।

पटना में सुधा कैफेटेरिया और फ्रेश कैच कियोस्क का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने पटना स्थित जैविक उद्यान के गेट नंबर-2 पर सुधा कैफेटेरिया और तरकारी दुकान का उद्घाटन किया। इसके बाद मीठापुर स्थित मीन भवन में फ्रेश कैच कियोस्क और सुधा पार्लर का भी शुभारंभ किया।

उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और ताजी मछलियों की प्रजातियों की जानकारी ली। इस दौरान बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए फ्रेश कैच वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

बिहार में खुलेंगे 100 फ्रेश कैच कियोस्क

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 100 ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ स्थापित करने की घोषणा की। इनके माध्यम से बिहार की ताजी मछलियों को ‘Fresh Catch (Fish of Bihar)’ ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार के मुताबिक, इससे मत्स्यपालकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा और उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण मछली पहुंचाने में मदद मिलेगी।

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के दूध, सब्जियों और मछलियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों को सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था को पारदर्शी प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सरकार की ओर से दुग्ध प्रसंस्करण, बाजार विस्तार, तकनीकी सुविधाओं और महिला भागीदारी को बढ़ावा देने की योजनाएं प्रस्तुत की गईं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य के डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में होने वाले बदलावों पर आगे नजर रहेगी।

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