पटना, 6 अक्टूबर 2026। बिहार में नए स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। फिलहाल 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। विनय कुमार के पद से हटने के बाद अब स्थायी DGP के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम नियुक्ति आधिकारिक चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रीता वर्मा के नाम की क्यों हो रही चर्चा?
प्रीता वर्मा बिहार कैडर की 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं। वर्तमान में वह DGP के अतिरिक्त प्रभार के साथ अपनी मौजूदा जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। इससे पहले वह DG Training और गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं।
अगर उन्हें पूर्णकालिक DGP बनाया जाता है, तो वह बिहार पुलिस की पहली महिला स्थायी DGP होंगी। उनके लंबे प्रशासनिक और पुलिस सेवा अनुभव के कारण उनका नाम इस समय चर्चा में है।
विनय कुमार के जाने के बाद शुरू हुई नई कवायद
1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार दिसंबर 2024 में बिहार के DGP बने थे। उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने उससे पहले VRS ले लिया। बाद में उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की प्रक्रिया भी सामने आई। उनकी अनुपस्थिति के दौरान प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
विनय कुमार के हटने के बाद स्थायी DGP के चयन को लेकर वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों पर चर्चा तेज हुई है।
इन अधिकारियों के नाम भी चर्चा में
मीडिया रिपोर्टों में प्रीता वर्मा के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें 1992 बैच के बी. श्रीनिवासन तथा 1993 बैच के जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार प्रमुख नामों में बताए जा रहे हैं। इनके अलावा कुंदन कृष्णन, डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद समेत अन्य DGP रैंक के अधिकारी भी चयन प्रक्रिया के दायरे में बताए गए हैं।
DGP चयन की प्रक्रिया अलग से जारी
प्रीता वर्मा को फिलहाल अतिरिक्त प्रभार मिलना अपने आप में स्थायी नियुक्ति का निर्णय नहीं है। नियमित DGP के चयन के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। इसलिए किसी एक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
प्रीता वर्मा का लंबा पुलिस सेवा अनुभव
प्रीता वर्मा ने बिहार पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह अलग-अलग जिलों में SP के रूप में काम करने के साथ CID, विजिलेंस, पुलिस आधुनिकीकरण, तकनीकी सेवाओं और प्रशिक्षण से जुड़े पदों पर भी रह चुकी हैं।
वर्ष 2023 में उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग से जुड़ी जिम्मेदारी भी संभाली थी।
स्थायी नियुक्ति पर अभी आधिकारिक घोषणा बाकी
फिलहाल बिहार के नए DGP को लेकर वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों पर चर्चा जारी है। प्रीता वर्मा के पास कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी होने के कारण उनका नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, लेकिन स्थायी नियुक्ति का फैसला संबंधित चयन प्रक्रिया और सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
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