Bihar News | 2 नवंबर 2026: बिहार के सरकारी शिक्षकों की नजर अब 4 नवंबर को होने वाली शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षकों से जुड़े 29 एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। इनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया, वेतन विसंगति और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।
बैठक में लिए जाने वाले फैसलों को जिला स्तर पर लागू कराने पर भी जोर रहेगा। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को विभागीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
ट्रांसफर-पोस्टिंग के शेड्यूल पर रहेगी खास नजर
बैठक का सबसे अहम मुद्दा शिक्षकों का स्थानांतरण और पदस्थापन बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर को इस प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किए जाने की संभावना है।
शेड्यूल सामने आने के बाद शिक्षकों को आवेदन की तारीख, प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वेतन विसंगति समेत 29 मुद्दों पर होगी चर्चा
शिक्षा विभाग की बैठक में कुल 29 एजेंडों को रखा जाएगा। इनमें वेतन विसंगति का विषय भी शामिल है। वेतन और सेवा संबंधी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर शिक्षक लंबे समय से विभाग से उम्मीद लगाए हुए हैं।
बैठक में इन मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। हालांकि, सभी एजेंडों पर अंतिम निर्णय क्या होगा, इसकी जानकारी बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
DEO और DPO को लागू करने होंगे विभागीय फैसले
बैठक में जिला स्तर पर विभागीय निर्णयों के अनुपालन को लेकर भी जोर दिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्यालय स्तर पर लिए गए फैसले जिलों में भी प्रभावी ढंग से लागू हों और शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
4 नवंबर को होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी करेंगे। इसमें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल और विभाग के सभी निदेशकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
बैठक के नतीजों पर राज्यभर के शिक्षकों की नजर रहेगी। खास तौर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का शेड्यूल और वेतन विसंगति से जुड़े फैसले शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
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