Saturday, September 12, 2026

बिहार के विश्वविद्यालयों में बढ़ेगा रिसर्च और अकादमिक सहयोग, SNSF-ICSSR ने सरकार के सामने रखा प्रस्ताव.

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पटना: बिहार में उच्च शिक्षा और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध को नई दिशा देने की तैयारी है। स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन (SNSF) और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) ने बिहार सरकार के साथ मिलकर शोध गतिविधियों को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में SNSF के पूर्व प्रतिनिधि मैक्स बर्गमैन और ज़िनेट बर्गमैन, ICSSR के सदस्य सचिव धनंजय सिंह तथा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार मौजूद रहे।

बिहार में रिसर्च का माहौल बेहतर करने की योजना

बैठक में बिहार में सोशल साइंस रिसर्च को मजबूत करने और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर तैयार करने पर चर्चा हुई। SNSF और ICSSR के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

प्रस्तावित सहयोग के तहत सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में नए शोध प्रोजेक्ट, अकादमिक गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों एवं संस्थानों के बीच संवाद को बढ़ावा देने की योजना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज के दौर में सामाजिक विज्ञान से जुड़े शोध की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने और उसके आधार पर नीतियां तैयार करने में शोध महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे सरकारी योजनाओं को भी ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा और कौशल विकास को भी मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के कौशल विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग जरूरी है।

उन्होंने सोशल साइंस और विज्ञान की अन्य शाखाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल से शोध के नए विषय और नई कार्यप्रणालियां विकसित की जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने SNSF और ICSSR के प्रतिनिधियों से बिहार में अपनी शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को और विस्तार देने का आग्रह किया।

विश्वविद्यालयों और शोधार्थियों के लिए बन सकते हैं नए अवसर

प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लागू होने पर बिहार के विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अकादमिक आदान-प्रदान के नए अवसर मिल सकते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ संयुक्त शोध और ज्ञान साझा करने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

सरकार का मानना है कि शोध और उच्च शिक्षा को मजबूत करने से राज्य के सामाजिक एवं शैक्षिक विकास को गति दी जा सकती है।

‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध बिहार’ के लक्ष्य से जोड़ा गया प्रस्ताव

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षा, शोध और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारी को बढ़ावा देना बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि SNSF और ICSSR के साथ प्रस्तावित सहयोग से राज्य में शोध गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने इस पहल को ‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध बिहार’ के व्यापक लक्ष्य से भी जोड़ते हुए कहा कि मजबूत रिसर्च सिस्टम भविष्य की नीतियों और विकास की बेहतर नींव तैयार करने में मदद कर सकता है।

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