बिहार के डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों में खुलने वाले नए कॉलेजों में कुल 9284 स्थायी पदों पर नियुक्ति होगी। इनमें लगभग 7000 सहायक प्राध्यापक और 2000 शिक्षकेत्तर कर्मचारी शामिल हैं। प्रत्येक कॉलेज में 32 शिक्षक और 12 कर्मचारियों की भर्ती होगी। जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू करने की योजना है, जिसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
पटना। राज्य के डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों में खुलने वाले नये डिग्री काॅलेजों में कुल 9284 पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाएगी।
इनमें करीब सात हजार सहायक प्राध्यापकों (शिक्षक) और दो हजार शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पद शामिल हैं। प्रत्येक डिग्री महाविद्यालय में 32 शिक्षकों और 12 कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति होगी।
हर महाविद्यालय में एक-एक पद प्राचार्य एवं उपप्राचार्य का भी पद सृजन होगा। ये नियुक्तियां इसी साल बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग और राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होंगी।
संबंधित पदों के सृजन संबंधी प्रस्ताव को उच्च शिक्षा विभाग ने सहमति दे दी है। इस प्रस्ताव को वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से सहमति हेतु जल्द भेजा जा रहा है।
- प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य समेत 32 शिक्षकों एवं 12 कर्मियों की होगी नियुक्ति
- सभी पदों पर होगी स्थायी नियुक्ति
- पद सृजन का प्रस्ताव हुआ तैयार
- नियमित नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालयों को करनी होगी काॅलेजों के संचालन की व्यवस्था
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि राज्य के डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों में खुलने वाले डिग्री काॅलेजों में एक जुलाई से पहले शैक्षिक सत्र 2026-30 के लिए पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया है।
पहले सत्र ही कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय समेत विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के 16 विषयों में पढ़ाई संचालित की जाएगी।
इसके लिए प्रत्येक विषय के दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्राचार्य समेत सहायक प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के 44 पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है।
जुलाई के सत्र से 16 विषयों में शुरू होगी पढ़ाई
उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक नये महाविद्यालयों में सृजित पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक प्राचार्यों, शिक्षकों व कर्मचारियों की व्यवस्था संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा की जाएगी।
इसके बारे में संबंधित विश्विद्यालयों को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा चुका है। पहले सत्र से जिन 16 विषयों की पढ़ाई शुरू होनी है, उनमें से 15 विषयों में दो-दो शिक्षक होंगे।
16वां विषय वोकेशनल यानी व्यावसायिक पाठ्यक्रम के रूप में होगा, जिसमें एक/दो शिक्षक होंगे। प्राचार्य/प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति के लिए पहले पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वित्त विभाग व सामान्य प्रशासन विभाग से सहमति मिलते ही संबंधित पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना भेजी जाएगी।
इसकी भी तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के आलोक विभागीय स्तर पर प्रशासनिक
एवं अकादमिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
डीईओ की जांच में 211 प्रखंड निकले डिग्री कॉलेज विहीन
नीतीश सरकार के सात निश्चय-तीन के चौथे निश्चय उन्नत शिक्षा उज्ज्वल भविष्य के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्रों विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा हो।
उच्च शिक्षा विभाग को डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों से जांच रिपोर्ट आ चुकी है। विभागीय स्तर पर जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अभी राज्य के सभी 534 प्रखंडों में से 211 प्रखंडों में कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री महाविद्यालय नहीं हैं।
हालांकि, इससे पहले विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा विभाग को पहले मिली रिपोर्ट में यह कहा गया था कि राज्य में डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों की संख्या 213 है।
इसकी जांच बाद में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से कराई गई। उसमें यह तथ्य सामने आया है कि डिग्री महाविद्यालय विहीन प्रखंडों की संख्या 211 है। अपना भवन एवं परिसर बनने तक संबंधित प्रखंडों के दूसरे सरकारी भवन में डिग्री महाविद्यालय की पढ़ाई शुरू होगी।
