Sunday, September 27, 2026

बिना नोटिस निर्माण ध्वस्त करने का आरोप, उपायुक्त से जांच की मांग.

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रामगढ़: पतरातू अंचल क्षेत्र में पंजीकृत भूमि पर बने कमरे और चारदीवारी को बिना पूर्व सूचना और सुनवाई का अवसर दिए जेसीबी से ध्वस्त करने का आरोप लगा है। मामले को लेकर स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र कुमार ने रामगढ़ उपायुक्त को आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पत्नी के नाम दर्ज है तीन डिसमिल जमीन

उपायुक्त को दिए आवेदन में धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी रिशु कुमारी के नाम तीन डिसमिल भूमि पंजीकृत है। उनका कहना है कि जमीन से संबंधित पंजीकृत सेल डीड, सरकारी अभिलेख और सरकारी मापी एवं सीमांकन से जुड़े दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं।

आवेदन के मुताबिक, उक्त जमीन पर बने कमरे और चारदीवारी को बिना किसी पूर्व नोटिस, लिखित आदेश या सुनवाई का अवसर दिए जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया। आवेदक का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें अपने पंजीकृत दस्तावेज और सरकारी मापी से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने का मौका नहीं दिया गया।

2021 में सरकारी मापी और सीमांकन का दावा

धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, कर्मचारियों और सरकारी अमीन की मौजूदगी में 26 जुलाई 2021 को संबंधित भूमि की सरकारी मापी और सीमांकन कराया गया था। आवेदन में दावा किया गया है कि मापी के दौरान खाता संख्या 74 और प्लॉट संख्या 1621 में तीन डिसमिल जमीन चिन्हित की गई थी।

आवेदक का कहना है कि सरकारी मापी और सीमांकन के बाद भूमि का विधिवत निबंधन कराया गया तथा पंजीकृत सेल डीड में निर्धारित राशि का भुगतान भी किया गया।

ध्वस्तीकरण के आधार की जांच की मांग

धर्मेंद्र कुमार ने उपायुक्त से भूमि के राजस्व अभिलेख, सरकारी मापी रिपोर्ट, पंजीकृत दस्तावेज और निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई के आधार की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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