Friday, October 23, 2026

बारामुड़ी खटाल के परिवारों के समर्थन में उतरीं पूर्व विधायक आबो देवी, डीसी से मांगा पुनर्वास.

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धनबाद | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

झारखंड के धनबाद स्थित बारामुड़ी खटाल में रहने वाले सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को झरिया की पूर्व विधायक आबो देवी स्थानीय लोगों के साथ धनबाद समाहरणालय पहुंचीं और उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की।

आबो देवी ने कहा कि यदि जमीन खाली कराना जरूरी है, तो प्रशासन को पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने लोगों को पर्याप्त समय देने की भी मांग की। दूसरी ओर, उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बारामुड़ी खटाल की जमीन सरकारी है और इसे हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

20 एकड़ जमीन की मापी और सीमांकन शुरू

बारामुड़ी खटाल में प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। धनबाद अंचल कार्यालय की ओर से जमीन की मापी, सीमांकन और वहां बने अस्थायी घरों की नंबरिंग का काम शुरू किया गया है। इस कार्रवाई से लंबे समय से यहां रह रहे परिवारों में चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन खाली कराने की कार्रवाई से उनके आवास और आजीविका पर असर पड़ सकता है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और आगे की कार्रवाई से पहले उनके भविष्य पर विचार करने की अपील की है।

आबो देवी बोलीं- पहले पुनर्वास, फिर हो कार्रवाई

पूर्व विधायक आबो देवी ने डीसी आदित्य रंजन के सामने प्रभावित परिवारों की समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि करीब 20 से 21 साल पहले तत्कालीन उपायुक्त बीला राजेश के कार्यकाल में जनता दरबार के माध्यम से इन परिवारों को बारामुड़ी में बसाया गया था।

आबो देवी ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों से रह रहे परिवारों को अब बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना उचित नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी तरह की कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की योजना बनाई जाए और उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवारों को उचित व्यवस्था किए बिना हटाया गया, तो इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा।

आवास और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित परिवार

स्थानीय निवासी सुंदर यादव ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने घर, रोजगार और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जमीन खाली कराने से पहले परिवारों की परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

खटाल में रहने वाले लोगों के लिए पुनर्वास का सवाल सबसे अहम बना हुआ है। परिवार चाहते हैं कि प्रशासन कोई भी कदम उठाने से पहले उनके रहने और आजीविका की व्यवस्था पर स्पष्ट निर्णय ले।

अवैध गतिविधियों का हवाला देकर डीसी ने अपनाया सख्त रुख

बारामुड़ी खटाल के मामले में उपायुक्त आदित्य रंजन ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनके अनुसार, क्षेत्र में अवैध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित शिकायतें मिलती रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पुलिस ने यहां से हथियार भी बरामद किया था।

डीसी ने मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ी शिकायतों और हाल में एक होटल में हुई युवक की हत्या के मामले का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, उस घटना में खटाल क्षेत्र के कुछ युवकों की संलिप्तता की बात सामने आई है। हालांकि, इन मामलों में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि का निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

सड़क पर मवेशियों से परेशानी का भी दिया हवाला

उपायुक्त ने कहा कि शहर के भीतर खटाल होने के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।

डीसी ने स्पष्ट किया कि संबंधित जमीन सरकारी है और प्रशासन इसे अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई करेगा। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों की मांगों और पुनर्वास के सवाल पर क्या निर्णय लिया जाता है।

पुनर्वास की मांग और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजरें

बारामुड़ी खटाल का मामला अब सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने और वहां रह रहे परिवारों के भविष्य के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है। एक ओर प्रशासन जमीन खाली कराने पर अड़ा है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवार पुनर्वास और पर्याप्त समय देने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल आबो देवी ने परिवारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं हटाने की अपील की है। आने वाले दिनों में प्रशासन की अगली कार्रवाई और पुनर्वास को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

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