Tuesday, October 13, 2026

फर्जी पहचान से खेलने के मामले में बिहार के कोच पर 5 साल का बैन, खिलाड़ी 2 साल निलंबित; MLC संजय मयूख को नोटिस.

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पटना | 13 अक्टूबर 2026: बिहार की रग्बी टीम से जुड़े फर्जी पहचान मामले में भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन (IRFU) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार रग्बी टीम के कोच गौरव कुमार पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि खिलाड़ी गोल्डन कुमार को दो साल के लिए निलंबित किया गया है। इसके अलावा, रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार (RFAB) के अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य संजय मयूख को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

IRFU ने राज्य संघ से एक सप्ताह के भीतर जवाब और प्रशासनिक सुधार की समयबद्ध योजना पेश करने को कहा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संघ की मान्यता निलंबित करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

फर्जी पहचान के मामले में कोच और खिलाड़ी पर कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्र समीक्षा समिति की जांच में सामने आया कि गोल्डन कुमार ने 2021 और 2022 की जूनियर तथा 2022 की सीनियर राष्ट्रीय रग्बी सेवन चैंपियनशिप में कथित तौर पर सुधांशु रंजन की पहचान का इस्तेमाल कर हिस्सा लिया था।

जांच समिति की रिपोर्ट में इस मामले में टीम के कोच गौरव कुमार की भूमिका भी बताई गई है। आरोप है कि उनके निर्देश पर खिलाड़ी ने दूसरी पहचान के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया। समिति ने इसे खेल की निष्पक्षता और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला माना।

IRFU बोर्ड ने 13 अक्टूबर 2026 से गौरव कुमार पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है। इस अवधि में वह कोचिंग, खेल, टीम प्रबंधन और प्रशासन से संबंधित भूमिकाएं नहीं निभा सकेंगे।

गोल्डन कुमार दो साल के लिए निलंबित

फर्जी पहचान के मामले में खिलाड़ी गोल्डन कुमार को भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 13 अक्टूबर 2026 से दो साल के लिए निलंबित किया गया है।

कार्रवाई तय करते समय समीक्षा समिति ने घटना के समय खिलाड़ी के नाबालिग होने और टीम प्रबंधन के प्रभाव जैसे पहलुओं पर विचार किया। इसी आधार पर कोच और खिलाड़ी के लिए अलग-अलग अवधि की सजा निर्धारित की गई।

MLC संजय मयूख को कारण बताओ नोटिस

IRFU ने रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य संजय मयूख को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे संघ के प्रशासन और खिलाड़ियों की पात्रता सत्यापन से जुड़े सवालों पर जवाब मांगा गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच समिति ने पाया कि राज्य संघ खिलाड़ियों की पात्रता की जांच करने में विफल रहा। पूछताछ के दौरान चयन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड, उपस्थिति विवरण और यात्रा संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

नोटिस में RFAB के महासचिव पंकज कुमार ज्योति और कोषाध्यक्ष एवं प्रशासक गौतम प्रताप सिंह की भूमिका पर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश किए जाने का उल्लेख है।

सात दिनों में जवाब नहीं मिला तो मान्यता पर संकट

IRFU ने बिहार रग्बी संघ को एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने और प्रशासनिक सुधार के लिए समयबद्ध योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

यदि संघ निर्धारित समय में आवश्यक जवाब और सुधार योजना नहीं देता है, तो उसकी मान्यता निलंबित करने सहित अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इससे राज्य में रग्बी प्रतियोगिताओं और संघ की गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

हालांकि, मान्यता निलंबन को लेकर फिलहाल इसे संभावित कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम निर्णय संबंधित संघ के जवाब और IRFU की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

खेलों में पारदर्शिता और पात्रता जांच पर उठे सवाल

इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की उम्र, पहचान और पात्रता सत्यापित करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। खेल प्रतियोगिताओं में सही पहचान और नियमों का पालन निष्पक्ष मुकाबले के लिए महत्वपूर्ण होता है।

बिहार रग्बी संघ के सामने अब जांच से जुड़े सवालों का जवाब देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि संघ की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और IRFU आगे क्या फैसला लेता है।

निष्कर्ष: बिहार रग्बी टीम से जुड़े कथित फर्जी पहचान मामले में IRFU ने कोच गौरव कुमार पर पांच साल का प्रतिबंध और खिलाड़ी गोल्डन कुमार पर दो साल का निलंबन लगाया है। वहीं, MLC संजय मयूख को कारण बताओ नोटिस जारी कर राज्य संघ से जवाब मांगा गया है। अब सबकी नजर संघ के स्पष्टीकरण और आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी।

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