लातेहार: बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड के अंतर्गत आने वाले छिपादोहर और हेहेगढ़ा रेलवे स्टेशनों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। दोनों स्टेशन पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र में स्थित हैं और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से वैकल्पिक रेल परियोजना पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, छिपादोहर रेलवे स्टेशन को मौजूदा स्थान से लगभग दो किलोमीटर और हेहेगढ़ा स्टेशन को करीब पांच किलोमीटर दूर स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि घने जंगलों से गुजरने वाले इस रेलखंड पर वन्यजीवों के रेल दुर्घटनाओं का शिकार होने की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।
हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस योजना का विरोध करते हुए कहा है कि दोनों रेलवे स्टेशन क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि इन स्टेशनों के स्थानांतरण से स्थानीय आबादी की आवाजाही और दैनिक जीवन प्रभावित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के इस तरह का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल चतरा सांसद कालीचरण सिंह से उनके आवास पर मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से आग्रह किया कि वे दोनों रेलवे स्टेशनों को वर्तमान स्थान पर बनाए रखने के लिए रेलवे और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करें।
सांसद कालीचरण सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे और आवश्यक होने पर इसे लोकसभा में भी रखेंगे। उन्होंने स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरी, प्रमुख सुशीला देवी, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह सहित कई सामाजिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


