पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का सीधा असर अब भारतीय मुद्रा पर दिखने लगा है. मंगलवार (26 मई) को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 95.73 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, दुनिया भर में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग और घरेलू शेयर बाजार (सेंसेक्स-निफ्टी) में आई आज की मंदी ने रुपये पर चौतरफा दबाव बनाने का काम किया है.
दिनभर के कारोबार में रुपये का उतार-चढ़ाव
मंगलवार को बाजार खुलते ही रुपये में कमजोरी साफ देखी जा रही थी. आइए इस तालिका से आज के उतार-चढ़ाव को समझते हैं.
| पैमाना | रुपये की स्थिति (प्रति डॉलर) |
| सोमवार का बंद भाव (पिछला बंद) | ₹95.26 (34 पैसे की मजबूती के साथ) |
| मंगलवार को शुरुआत (ओपनिंग) | ₹95.43 |
| कारोबार के दौरान सबसे मजबूत स्तर (हाई) | ₹95.33 |
| कारोबार के दौरान सबसे कमजोर स्तर (लो) | ₹95.76 |
| कारोबार के अंत में बंद भाव (अस्थायी) | Notice: ₹95.73 (47 पैसे का नुकसान) |
रुपया गिरने के मुख्य कारण
- अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल में आग
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई नई सैन्य कार्रवाई की खबरों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. इस खबर के आते ही वैश्विक तेल मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ 3.43 प्रतिशत उछलकर 99.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो लगभग 100 डॉलर के करीब है. तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिसके लिए ज्यादा डॉलर चुकाने होंगे और रुपया कमजोर होगा.
- ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) समझौता खटाई में
ईरान और अमेरिका के बीच नए सिरे से शुरू हुए हमलों की वजह से इस मुख्य समुद्री व्यापारिक मार्ग (Strait of Hormuz) को दोबारा सुरक्षित खोलने की उम्मीदें बेहद कमजोर हो गई हैं. इससे निवेशकों में डर बढ़ गया है.
- शेयर बाजार का क्रैश होना
सोमवार की बंपर तेजी के बाद आज घरेलू बाजार में विदेशी और स्थानीय निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 479 अंक टूटकर 76,009.70 पर और निफ्टी 118 अंक फिसलकर 23,913.70 पर बंद हुआ. बाजार से विदेशी पूंजी के बाहर जाने की आशंका ने भी रुपये को कमजोर किया.


