पतंजलि आयुर्वेद अब अपने कारोबार का विस्तार वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में करने जा रही है। बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल (DS) ग्रुप को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। इस सौदे का अनुमानित मूल्य करीब 4,500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
मंजूरी मिलने के बाद पतंजलि पहली बार जनरल इंश्योरेंस बिजनेस में कदम रखेगी। नियामक की अनुमति सीमित अवधि के लिए मान्य है, जिसके भीतर अधिग्रहण से जुड़ी बाकी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
नई कंपनी बनाने के बजाय मौजूदा कंपनी का अधिग्रहण
पतंजलि ने बीमा क्षेत्र में सीधे नई कंपनी शुरू करने के बजाय एक स्थापित इंश्योरेंस कंपनी में निवेश करने का विकल्प चुना है। इसके पीछे वजह यह है कि मौजूदा कंपनी के पास पहले से ग्राहक आधार, वितरण नेटवर्क और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस मोटर इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी और कमर्शियल इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में काम करती है। अधिग्रहण के बाद पतंजलि को एक तैयार प्लेटफॉर्म मिलेगा, जिससे बाजार में अपनी पकड़ बनाने में मदद मिल सकती है।
पतंजलि और DS ग्रुप की होगी बड़ी हिस्सेदारी
डील पूरी होने के बाद मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में प्रमोटर हिस्सेदारी का ढांचा बदल जाएगा। प्रस्तावित शेयरहोल्डिंग के अनुसार:
- पतंजलि आयुर्वेद: 73.56 प्रतिशत हिस्सेदारी
- DS ग्रुप: 24.5 प्रतिशत हिस्सेदारी
दोनों कंपनियां मिलकर कंपनी में लगभग 98 प्रतिशत हिस्सेदारी नियंत्रित करेंगी। फिलहाल कंपनी में मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी है, लेकिन सभी नियामकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियंत्रण नए प्रमोटर समूह के पास चला जाएगा।
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का कारोबार
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस पहले से ही भारतीय बीमा बाजार में सक्रिय है। कंपनी का प्रीमियम कलेक्शन लगातार बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ग्रॉस रिटन प्रीमियम करीब 3,615 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा लगभग 3,334 करोड़ रुपये था।
कंपनी के पास मोटर, स्वास्थ्य, संपत्ति और कॉर्पोरेट बीमा उत्पादों का पोर्टफोलियो है। इसके अलावा एजेंट नेटवर्क, बैंकिंग साझेदारों और ऑटो सेक्टर से जुड़े चैनलों के जरिए इसका वितरण तंत्र भी मजबूत है।
2025 में शुरू हुई थी अधिग्रहण प्रक्रिया
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया मार्च 2025 में शुरू हुई थी। उस समय खरीदार समूह और मौजूदा शेयरधारकों के बीच शेयर खरीद समझौता हुआ था।
इसके बाद सौदे को पूरा करने के लिए नियामकीय मंजूरियों का इंतजार किया जा रहा था। अब IRDAI की अनुमति मिलने के बाद शेयर ट्रांसफर और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
FMCG से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं में विस्तार
पतंजलि आयुर्वेद अब तक मुख्य रूप से आयुर्वेदिक उत्पादों, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामानों के लिए जानी जाती रही है। इंश्योरेंस सेक्टर में प्रवेश के साथ कंपनी अपने कारोबार को एक नए क्षेत्र में विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
यह कदम पतंजलि की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जहां कंपनी पारंपरिक उपभोक्ता बाजार से आगे बढ़कर वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाने की तैयारी कर रही है।
