पटना न्यूज: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध जारी है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को पटना में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता मनोज कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले। हालांकि, आर ब्लॉक चौराहे के पास प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। CPI नेता मनोज कुमार चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि SIR प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना था कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि नागरिकों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकती है।
केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर लगाए आरोप
मनोज कुमार चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से ऐसी प्रक्रिया चलाई जा रही है, जिससे वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। उन्होंने मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने की मांग की।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं दी गई है। निर्वाचन आयोग का पक्ष भी उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।
SIR के मुद्दे पर जारी है विरोध
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से विरोध जताया जा रहा है। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में वामपंथी छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने के संकेत
प्रदर्शन में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। उन्होंने मताधिकार की सुरक्षा और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच पर जोर दिया।
प्रशासन की बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारी आर ब्लॉक चौराहे से आगे नहीं बढ़ सके। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने वहां कुछ समय तक प्रदर्शन जारी रखा और अपनी मांगें उठाईं।
