पटना में विधानसभा पर आतंकी हमले की मॉक ड्रिल की गई। इस मॉक ड्रिल में दिखाया गया कि आतंकी विधानसभा के सेंट्रल हॉल में घुसकर लोगों को बंधक बना लेते हैं। एटीएस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आतंकियों को मार गिराया और बंधकों को छुड़ाया। यह मॉक ड्रिल विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को जांचने के लिए की गई थी।
पटना। ‘हेलो… कंट्रोल। ब्रावो पाइव बोल रहा हूं। विधानसभा पर हमला हो गया है। छह-सात आतंकी विस्फोट कर अंदर घुस गए हैं। सेंट्रल हाल को कब्जे में लेकर लोगों को बंधक बना लिया गया है।’
बुधवार की शाम साढ़े पांच बजे विधानसभा के मार्शल ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। बताया कि 19 धमॉके कर आतंकी अंदर घुसते हैं। घुसने के बाद उन्होंने तीन हैंडग्रेनेड और फेंके गए। हम ठीक हैं, मगर एक दर्जन से अधिक लोग बंधक बने हैं।
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इस सूचना के बाद एटीएस की टीम ने विधानसभा की घेराबंदी कर दी। दो घंटे तक रेस्क्यू आपरेशन चला और आतंकी ढेर कर दिए गए। हकीकत में यह मॉकड्रिल थी, जिसके जरिये बिहार पुलिस ने विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की।
विधानसभा की जिस सेंट्रल हाल को आतंकियों के कब्जे में दर्शाया गया, वहां राज्यपाल औ मुख्यमंत्री बैठक करते हैं। सत्र से पूर्व सुरक्षा जांचने के लिए मॉकड्रिल की गई थी। आतंकियों की वेश में रहे पुलिस जवानों ने विधानसभा के मार्शल को भी बाहर निकाल दिया।
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मॉक ड्रिल में क्या कुछ हुआ?
- एटीएस की टीम छद्म आतंकियों को पकड़ने पहुंची तो विस्फोटक जांच के लिए बम स्क्वायड को बुलाया
- खोजी कुत्तों के पीछे दौड़ रहे एटीएस के स्वाट जवानों ने पोजिशन ले बंधक बने लोगों को छुड़ाया
- मॉक ड्रिल कर परखी गई सुरक्षा व्यवस्था, आतंकियों के हमले से निपटने का दिखाया तरीका
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अत्याधुनिक हथियारों से लैस एटीएस की टीम छद्म आतंकियों को पकड़ने पहुंची तो सबसे पहले विस्फोटक जांच के लिए बम स्क्वायड को बुलाया गया। डाग स्क्वायड ने छद्म आतंकियों के जूते के निशान से उनके ठिकानों को खोजने में मदद की।


