Tuesday, May 5, 2026

पटना में मंदिरी नाले पर बन रही सड़क पर अगले चार महीने में गाड़ियां चलनी शुरू हो जायेगी

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पटना में मंदिरी नाले पर बन रही सड़क पर अगले चार महीने में गाड़ियां चलनी शुरू हो जायेगी. इसके लिये निर्माण कार्य को तेज कर दिया गया है. साथ ही उमा सिनेमा से अंटा घाट तक बनने वाले बाकरगंज नाले का निर्माण भी करीब-करीब पूरा हो गया है.

पटना के महत्वपूर्ण नाला निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया है. उमा सिनेमा से अंटा घाट तक बनने वाले बाकरगंज नाले का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. लेकिन कई जगह गाद यानी सिल्ट और पानी जमा होने के कारण काम रुक गया था. लेकिन अब यहां भी काम शुरू कर दिया गया है. शनिवार को उद्योग भवन के पीछे करीब 250 मजदूरों को लगाया गया, जहां सिल्ट निकाला जा रहा है.

1.4 किलोमीटर लंबी बनेगी सड़क

इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में ढलाई का काम शुरू होगा. पक्का नाला बन जाने के बाद इसके ऊपर 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क बनायी जायेगी. बाकरगंज नाले के बनने से वार्ड संख्या 37, 28, 36, 38 और 39 में पानी की निकासी में सहूलियत होगी और सड़क बनने से यातायात भी सुगम होगा.

मंदिरी नाले का निर्माण भी लगभग पूरा

साथ ही मंदिरी नाले पर सड़क का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है. तीन जगहों पर नाला निर्माण का काम अभी बाकी है. विद्यापति रास्ते के पीछे संपर्क पथ से लोग पहले ही इसका इस्तेमाल आयकर गोलंबर तक जाने के लिए करने लगे है. जबकि, इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ है. यहां काम कर रहे लोगों ने बताया कि इस काम को पूरा होने में करीब तीन महीने लगेंगे.

राजीव नगर नाले के किनारे लगाई गई बैरिकेडिंग

इसके अलावा राजीव नगर नाला और आनंदपुरी नाला के पक्कीकरण का निर्माण भी शुरू हो गया है. इन दोनों नालों के ऊपर भी सड़क का निर्माण किया जायेगा. राजीव नगर रोड नंबर एक से बैरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया है. मालूम हो, इसका शिलान्यास सीएम ने प्रगति यात्रा के दौरान किया था, लेकिन काम तेज कर दिया गया है. इन योजनाओं के पूरा होने पर जलजमाव और नाले के ऊपर टू-लेन सड़क बनने से लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी.

नयी गाइडलाइन्स की गई जारी

जानकारी के मुताबिक, नाला निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए नयी गाइडलाइन भी जारी की गयी है. अब हर नाले पर एक से दो इंजीनियरों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है. इन इंजीनियरों को काम की प्रगति को कलर कोडिंग के माध्यम से पांच रंगों (हरा, पीला, नीला, काला और लाल) में चिह्नित करना होगा. यह गाइडलाइन प्रमंडलीय आयुक्त और बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने नालों की समीक्षा करते हुए जारी की है.

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