Sunday, November 8, 2026

पटना नगर निगम की बैठक में 19 एजेंडों को मंजूरी, 200 करोड़ से बनेंगे 15 वेंडिंग जोन; 9600 सफाईकर्मियों का बदलेगा कार्य मॉडल

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Patna News, 7 November 2026: पटना नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को नए मॉडल पर संचालित करने और फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इसके तहत करीब 9600 सफाईकर्मियों को चयनित एजेंसियों के पे-रोल पर रखने की योजना है। वहीं, म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाए गए 200 करोड़ रुपये से शहर के 15 स्थानों पर वेंडिंग जोन और वाणिज्यिक परिसर विकसित किए जाएंगे।

शनिवार को महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई पटना नगर निगम पर्षद की 13वीं साधारण बैठक में इन प्रस्तावों सहित कुल 19 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में उप महापौर रेशमी कुमारी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा और निगम पर्षद के सदस्य मौजूद रहे।

9600 सफाईकर्मियों के लिए बदलेगा कार्य मॉडल

नगर निगम की सफाई व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए दो एजेंसियों के चयन की रूपरेखा को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक एजेंसी को तीन-तीन अंचलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस तरह शहर के सभी छह अंचलों में सफाई व्यवस्था का संचालन एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत वर्तमान में सफाई कार्यों में लगे करीब 9600 कर्मियों को चयनित एजेंसियों के पे-रोल पर रखना अनिवार्य होगा। वहीं, निगम के स्थायी सफाईकर्मियों को अन्य निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

निगम के अनुमान के मुताबिक, इस मॉडल से हर साल 30 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हो सकती है। साथ ही सफाईकर्मियों को श्रम कानूनों के अनुरूप वेतन और सेवा संबंधी लाभ सुनिश्चित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कचरा उठाने से लेकर शिकायतों के निपटारे तक एजेंसियों की जिम्मेदारी

नई व्यवस्था में एजेंसियों को सिर्फ घरों से कचरा उठाने का काम नहीं सौंपा जाएगा। उन्हें कचरे का पृथक्करण, प्रोसेसिंग प्लांट तक परिवहन और सड़कों व गलियों की सफाई भी करनी होगी।

इसके अलावा कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों यानी गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट की सफाई और कंट्रोल रूम में मिलने वाली शिकायतों का निपटारा भी एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी। इससे सफाई कार्यों की निगरानी और जवाबदेही तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

200 करोड़ रुपये से 15 स्थानों पर बनेंगे वेंडिंग जोन

फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों के लिए भी नगर निगम ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाई गई करीब 200 करोड़ रुपये की राशि से शहर के 15 स्थानों पर वेंडिंग जोन और वाणिज्यिक परिसर विकसित किए जाएंगे।

इस परियोजना के लिए निगम पर्षद ने एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ एकरारनामा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।

परियोजना पूरी होने के बाद फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उनके रोजगार और आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ सड़कों पर अव्यवस्थित तरीके से लगने वाली दुकानों की समस्या कम होने की उम्मीद है।

श्रीकृष्णापुरी और राजेंद्र नगर में G+3 की शर्त हटाने को मंजूरी

नगर निगम ने अपनी लीज होल्ड संपत्तियों के निर्माण नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत श्रीकृष्णापुरी और राजेंद्र नगर में निगम की ओर से लीज पर आवंटित संपत्तियों पर लागू अधिकतम G+3 निर्माण की शर्त हटाई जाएगी।

यह निर्णय बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 और शहरी विकास की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे संबंधित संपत्तियों के विकास और निर्माण की प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक हो सकेगी। हालांकि, निर्माण के दौरान अन्य लागू भवन उपविधियों और वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

बोरिंग और छठ महापर्व से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर

बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बोरिंग अधिष्ठापन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा म्यूनिसिपल बॉन्ड की कूपन दर और छठ महापर्व के सफल आयोजन से संबंधित परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।

सफाई, कारोबार और शहरी विकास पर रहेगा जोर

नगर निगम की बैठक में मंजूर किए गए 19 प्रस्तावों का असर शहर की सफाई व्यवस्था, फुटपाथी कारोबार, निगम की संपत्तियों के विकास और आधारभूत सुविधाओं पर पड़ने की उम्मीद है।

एक ओर सफाई व्यवस्था में एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर वेंडिंग जोन के जरिए छोटे कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की योजना है। निगम का लक्ष्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, खर्च में बचत और शहर की सुविधाओं को मजबूत करना है।

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