मौसम विभाग के अनुसार 29 मई से ही मानसून सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में रुका हुआ है. जहां पर मानसून अभी रुका है, वहां भी मानसून आने की संभावित तिथि 10 जून थी, लेकिन समय से 11 दिन पहले ही पहुंच गया.
पटना. पछुआ के प्रवाह ने बिहार में समय से पहले मानसून की दस्तक को रोक दिया है. फिलहाल मानसून सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में पहुंचने के बाद ठहर गया है. जबकि, यह इस इलाके में समय से 11 दिन पहले ही पहुंच गया था. मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मानसून के आगे बढ़ने के आसार नहीं है. वैसे, बिहार में मानसून के प्रवेश करने की निर्धारित तिथि 13 से 15 जून के बीच है.
बिहार आने में लग सकता है एक सप्ताह का वक्त
इस बार मानसून केरल में निर्धारित समय से 8 दिन पहले ही प्रवेश कर गया था. साथ ही इसके फैलाव की रफ्तार काफी तेज थी. इसी कारण उम्मीद जताई जा रही थी कि बिहार में भी मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है. हालांकि, इसको लेकर मौसम विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर कोई पूर्वानुमान नहीं जताया गया था. लेकिन, पछुआ की रफ्तार ने बिहार में समय से पहले मानसून के प्रवेश को रोक दिया.
पछुआ की रफ्तार थमते ही प्रवेश कर जाएगा मानसून
बिहार में मानसून किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार के रास्ते प्रवेश करता है, जो चार दिनों से बिहार के सीमा क्षेत्र के समीप आकर रुका हुआ है. राज्य में मजबूत पछुआ हवा चलने के कारण मानसून की रफ्तार थम गई है. इसी कारण जैसे ही पछुआ हवा का प्रवाह थमेगा, वैसे ही बिहार में मानसून प्रवेश कर जाएगा, जबकि देश के पूर्वोत्तर भाग में झमाझम बारिश हो रही है और बिहार में पछुआ हवा चलने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा है.


