पटना, 12 अक्टूबर 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार नीरज कुमार की चुनाव प्रचार सूची चर्चा का विषय बन गई है। इस सूची में कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद ललन सिंह का नाम नहीं होने से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि, नीरज कुमार ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि प्रचार सूची उन्होंने खुद तैयार नहीं की है, बल्कि इसे पार्टी कार्यालय की ओर से जारी किया गया है। उन्होंने ललन सिंह की व्यस्तता का भी उल्लेख किया और पार्टी के भीतर किसी मतभेद से इनकार किया।
नीरज कुमार के प्रचार के लिए कई बड़े नेताओं के नाम
पटना स्नातक सीट से दोबारा चुनाव मैदान में उतरे नीरज कुमार के प्रचार के लिए जेडीयू ने कार्यक्रम तैयार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रचार सूची में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, जेडीयू नेता निशांत कुमार और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं।
इन नेताओं की भागीदारी से चुनाव प्रचार को गति देने की पार्टी की रणनीति मानी जा रही है। हालांकि, प्रचार सूची में ललन सिंह का नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।
ललन सिंह का नाम नहीं होने पर नीरज कुमार ने क्या कहा?
प्रचार सूची से ललन सिंह का नाम गायब होने के सवाल पर नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि सूची उनके स्तर पर नहीं बनाई गई है। उनके मुताबिक, इसे जेडीयू कार्यालय ने जारी किया है।
जब उनसे पूछा गया कि ललन सिंह संबंधित क्षेत्र के स्थानीय सांसद हैं, तो उन्होंने बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह का उल्लेख किया। नीरज कुमार ने ललन सिंह की व्यस्तता का हवाला देते हुए पार्टी में किसी तरह के मतभेद की बात को खारिज किया।
फिलहाल, इस मामले में ललन सिंह की ओर से कोई अलग प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रचार सूची में उनका नाम शामिल नहीं होने के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अनंत सिंह के समर्थन ने बढ़ाई चुनावी हलचल
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जेडीयू के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिया है।
इस घटनाक्रम ने चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं बढ़ा दी हैं। अनंत सिंह के रुख को जेडीयू के लिए असहज स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 5 अक्टूबर को ललन सिंह ने इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की थी। उस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अनंत सिंह सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करेंगे। साथ ही, उन्होंने चुनाव प्रचार में शामिल होने से इनकार किया था।
ऐसे में अब प्रचार सूची में ललन सिंह का नाम नहीं होने के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को शांत करने की कोशिश कितनी सफल रही है। हालांकि, इसे किसी अंदरूनी मतभेद का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी बयानबाजी तेज
विधान परिषद चुनाव के बीच पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी राजनीतिक बयान सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. संजीव सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ विधान पार्षद नवल किशोर यादव को लेकर विवादित दावा किया है।
डॉ. संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि अतीत में अनंत सिंह ने नवल किशोर यादव के साथ मारपीट की थी और उसका मानसिक असर अब तक बना हुआ है। यह बयान डॉ. संजीव सिंह का दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बिना इसे स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
बिहार MLC चुनाव में आगे क्या रहेगा अहम?
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की प्रचार सूची, अनंत सिंह का समर्थन और प्रमुख नेताओं की चुनावी भूमिका आने वाले दिनों में चर्चा के केंद्र में रह सकती है। वहीं, उम्मीदवारों के बीच बयानबाजी से चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है।
फिलहाल नीरज कुमार ने प्रचार सूची को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और ललन सिंह के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज किया है। प्रचार अभियान के दौरान नेताओं की वास्तविक भागीदारी और आधिकारिक बयानों से ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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