Monday, July 6, 2026

नागपंचमी पर्व , पूजा का शुभ मुहूर्त.. सोनवर्षा बड़ी भगवती स्थान में आस्था का सैलाब..

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Nag Panchami 2025 भागलपुर के बिहपुर प्रखंड के आस्था के महाकेंद्र बड़ी भगवती स्थान सोनवर्षा में आज नागपंचमी 2025 के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। पूजा और मेले की तैयारियों के अनुसार सोमवार को दोपहर तीन बजे 24 घंटे की अखंड रामधुन का समापन हुआ। पाठा बलि मंगलवार को रात आठ बजे के बाद आरंभ होगा।

बिहपुर।प्रखंड के आस्था के महाकेंद्र बड़ी भगवती स्थान, सोनवर्षा में आज नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। पूजा और मेले की तैयारियों में कमेटी और स्थानीय ग्रामीण जुटे हुए हैं। जीवन चौधरी ने बताया कि सोमवार को दोपहर तीन बजे 24 घंटे की अखंड रामधुन का समापन हुआ। पाठा बलि मंगलवार को रात आठ बजे के बाद आरंभ होगा।

हर साल नागपंचमी पर इस दरबार में औसतन 551 फुलाएस चढ़ाए जाते हैं और 51 कलश अर्पित किए जाते हैं। इसके अलावा, 50 से अधिक मुंडन और अन्य यज्ञोपवीत संस्कार कराने वाले श्रद्धालु दूर-दूर से यहां आते हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी राधाकांत झा और सहायक राजेश चौधरी उर्फ कारकून द्वारा विधिवत पूजन कार्य संपन्न कराया जाएगा।

पूजा और मेले की तैयारियों में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष संजय कुंवर, उपाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी, सचिव पवन चौधरी, कोषाध्यक्ष गौरव कुमार, और अन्य सदस्य सक्रिय रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही, वर्तमान और पूर्व पंचायत प्रतिनिधि तथा पुलिस प्रशासन भी इस आयोजन में पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं। आज, सोनवर्षा के साथ-साथ मिलकी, औलियाबाद, बभनगामा, अमरपुर और जयरामपुर के विषहरी मंदिरों में भी सामूहिक पूजा धूमधाम से आयोजित की जाएगी।

गंगा के जलस्तर में कमी पर कटाव जारी

कहलगांव में गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है, जो खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे पहुंच चुका है। इसके साथ ही सहायक नदियों जैसे कुआ, घोघा, गेरूआ और भयाना का जलस्तर भी गिर रहा है। चौर एवं समतली क्षेत्र में फैली बाढ़ का पानी तेजी से निकलने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रात आठ बजे तक जलस्तर 30 मीटर 76 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से 67 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर प्रति घंटा एक सेंटीमीटर की दर से घट रहा है और इसके और नीचे जाने की संभावना है।

गंगा के जलस्तर में कमी के कारण अनठावन बहियार में धीमी गति से कटाव जारी है, जिससे उपजाऊ जमीन गंगा में समाहित हो रही है। प्रभावित किसानों में चिंता का माहौल है, क्योंकि उनकी जमीन कटाव के मुहाने पर है। मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल ने कहा कि गंगा अभी भी भरी हुई है और यदि जलस्तर दो फीट और नीचे जाता है, तो कटाव तेज हो जाएगा। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण विभाग से कटाव स्थल को चिन्हित कर कटाव निरोधी कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि किसानों की जीविका सुरक्षित रह सके।

मामले में नाथनगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने बताया कि स्वजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। वे उसका शव लेकर घर गए।

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