Dhanbad News, 5 November 2026: धनबाद में सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को धैया मौजा स्थित रानीबांध तालाब के समीप करीब 30 डिसमिल सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कार्रवाई के दौरान जमीन की मापी भी करायी। संबंधित जमीन पर छोटी-छोटी दुकानें और झोपड़ियां बनाकर कब्जा किया गया था।
दो एकड़ 16 डिसमिल है प्लॉट का कुल रकबा
अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार के अनुसार, संबंधित प्लॉट का कुल रकबा दो एकड़ 16 डिसमिल है। इसमें करीब 30 डिसमिल जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। प्रशासन की ओर से पहले ही अतिक्रमणकारियों को जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई थी।
गुरुवार को कुछ लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें और झोपड़ियां हटा लीं। सीओ ने बताया कि संबंधित जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। भविष्य में इस जमीन का किस काम में उपयोग किया जाएगा, इस पर वरीय अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
150 से 200 मकानों को नोटिस देने की तैयारी
सीओ ने बताया कि धनबाद के अन्य इलाकों में भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही हैं। एक संबंधित क्षेत्र में जमीन की मापी कराई गई है, जहां करीब 150 से 200 मकान सरकारी जमीन पर होने की बात सामने आई है।
प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस देकर जमीन के कागजात मांगे जाएंगे। उनके जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि धनबाद में हाल के वर्षों में सर्वे नहीं होने के कारण जमीन से जुड़े विवाद बढ़े हैं। कई लोग पुरुलिया और कलकत्ता से बने पुराने डीड के आधार पर जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं।
नवाटांड़ में स्कूल की चहारदीवारी तोड़कर मकान बनाने का मामला
अंचल अधिकारी के अनुसार, नवाटांड़ स्थित यूपीएच हाई स्कूल के आसपास भी जांच के दौरान 30 से 35 घर सरकारी जमीन पर बने होने की जानकारी सामने आई है। स्कूल की चहारदीवारी तोड़कर भी मकान बनाए जाने की बात कही गई है।
कर्मचारियों की कमी से राजस्व कार्यों में परेशानी
सीओ ने अंचल कार्यालय की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कमी, कम हल्का कार्यालय और सीमित जगह के कारण पुराने राजस्व अभिलेखों का रखरखाव करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर संबंधित स्थल की मापी कराई जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार जमीन खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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