Wednesday, May 20, 2026

देवघर में आने वाले श्रद्धालुओं को खराब भोजन परोसने पर होटल संचालकों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.

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देवघर: झारखंड का देवघर धार्मिक नगरी के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है. यहां स्थापित बाबा बैद्यनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है, जबकि मां शक्ति का शक्तिपीठ होने के कारण भी इस स्थान का विशेष महत्व है. यही वजह है कि देवघर में हर दिन हजारों श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचते हैं और बाबा मंदिर में जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना करते हैं.

होटल और रेस्टोरेंट पर निर्भर है श्रद्धालुओं का खाना

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण देवघर में होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार भी बड़े स्तर पर संचालित होता है. जिले में करीब 700 से 800 होटल और भोजनालय श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं. श्रद्धालु इन होटलों में सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये खर्च कर भोजन करते हैं.

होटल संचालकों पर खाने की गुणवत्ता से समझौते के आरोप

हालांकि कई बार श्रद्धालुओं को बासी और खराब खाना परोसने की शिकायतें सामने आती रही हैं. खासकर श्रावणी मेला और सावन के दौरान अत्यधिक भीड़ का फायदा उठाकर कुछ होटल संचालक खाने की गुणवत्ता से समझौता कर देते हैं. शिकायत करने पर श्रद्धालुओं को बहला-फुसलाकर मामला शांत कराने की कोशिश की जाती है. जानकारी के अभाव में कई श्रद्धालु मजबूरी में चुप रह जाते हैं.

विभाग के कंप्लेन नंबर पर की जा सकती है शिकायत

अब जिला प्रशासन ऐसे होटल संचालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है. जिला खाद्य जांच पदाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि यदि कोई होटल संचालक श्रद्धालुओं को बासी या खराब खाना परोसता है तो श्रद्धालु तुरंत विभाग के कंप्लेन नंबर या “फूड सेफ्टी कनेक्ट एप” पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है विभाग की टीम

उन्होंने बताया कि पहले यह एप अधिक सक्रिय नहीं था लेकिन अब इसे अपडेट कर प्रभावी बनाया गया है, यदि किसी श्रद्धालु को किसी होटल में गंदा या खराब भोजन परोसे जाने का संदेह होता है तो वह तुरंत फोटो खींचकर एप पर अपलोड कर सकते हैं. शिकायत मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी.

कुछ जगहों पर नकली पनीर का उपयोग

सावन को देखते हुए जिला खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार होटल और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण कर रहा है. सभी संचालकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि भोजन की गुणवत्ता से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाए. निरीक्षण अभियान के दौरान कई होटलों में जले हुए तेल का इस्तेमाल करते हुए पाया गया जबकि कुछ स्थानों पर नकली पनीर का उपयोग भी सामने आया.

सावन से पहले सभी होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं. इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वाले होटलों का लाइसेंस रद्द किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि श्रावणी मेले के दौरान यदि किसी भी होटल में खराब खाना पकड़ा गया तो उसका लाइसेंस तुरंत कैंसिल कर दिया जाएगा: राजेश शर्मा, जिला खाद्य एवं जांच पदाधिकारी

खाद्य विभाग ने किया एप का व्यापक प्रचार-प्रसार

उन्होंने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट एप’ का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि श्रद्धालु आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सके. एप के ‘कंज्यूमर फॉर लॉजिंग ग्रीवांसेज’ विकल्प के माध्यम से लोग सीधे विभाग तक शिकायत पहुंचा सकेंगे.

गौरतलब है कि जिला खाद्य सुरक्षा एवं आपूर्ति विभाग की ओर से चलाया जा रहा अभियान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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