Monday, September 28, 2026

दुमका के 44 शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत, आठ सप्ताह में वेतन लाभ देने का निर्देश.

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत 44 प्राथमिक शिक्षकों को वेतन विसंगति से जुड़े मामले में राहत दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को पूर्व में दिए गए फैसले के अनुरूप इन शिक्षकों को वेतन संबंधी लाभ देने का निर्देश दिया है।

छठे वेतनमान के लाभ का मामला

याचिका में शिक्षकों ने छठे वेतन पुनरीक्षण के तहत 1 जनवरी 2006 से 16,290 रुपये का न्यूनतम एंट्री पे निर्धारित करने की मांग की थी। इसके साथ ही वेतन का पुनर्निर्धारण, बकाया वेतन और उससे जुड़े अन्य परिणामी लाभ देने की मांग भी की गई थी।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे वर्ष 2006 से पहले मैट्रिक/इंटर प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षक के तौर पर सरकारी सेवा में नियुक्त हुए थे। इसी आधार पर उन्होंने वेतन निर्धारण में समान लाभ दिए जाने की मांग अदालत के समक्ष रखी थी।

पुराने फैसले के आधार पर हुआ मामले का निपटारा

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट पहले ही WPS संख्या 5897/2014 और संबद्ध मामलों में 27 नवंबर 2025 को फैसला सुना चुका है।

राज्य सरकार की ओर से भी अदालत को बताया गया कि मौजूदा मामले का मुद्दा पूर्व में दिए गए फैसले के समान है। इसके बाद अदालत ने माना कि वर्तमान याचिका पूर्व के निर्णय से आच्छादित है।

आठ सप्ताह में लाभ देने का निर्देश

हाईकोर्ट ने पूर्व के फैसले और उसके निष्कर्ष के आधार पर याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि आठ सप्ताह के भीतर 44 शिक्षकों को समान लाभ उपलब्ध कराया जाए।

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि पूर्व के फैसले के खिलाफ लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) दायर की गई है।

अपील में सरकार सफल हुई तो लागू होगा उसका फैसला

अदालत ने इस पहलू को भी स्पष्ट किया कि यदि लंबित अपील में राज्य सरकार सफल होती है, तो डिवीजन बेंच का फैसला वर्तमान याचिकाकर्ताओं के मामले पर भी लागू होगा।

इस आदेश के साथ दुमका के 44 शिक्षकों की मौजूदा याचिका का निपटारा कर दिया गया है।

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