समस्तीपुर के रामबालक सहनी के 23 वर्षीय पुत्र पंकज की दिल्ली धमाके में मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ दिल्ली में रहता था और कैब चलाता था। एक साल पहले वह बिहार में चाचा के श्राद्ध कर्म में आया था। दादा निकेश ने बताया कि धमाके से पहले उन्होंने पंकज से बात की थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया था।
समस्तीपुर। दिल्ली धमाके में समस्तीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर वार्ड 7 निवासी रामबालक सहनी का 23 वर्षीय पुत्र पंकज भी मारा गया। वह अपने पिता राम बालक के साथ दिल्ली में ही रहता था।
राम बालक सहनी 10 वर्ष पूर्व से सपरिवार दिल्ली के उपकार बिहार के निकट घेबरा मोड़ में अपना मकान बनाकर रहता है। उसके तीन पुत्रों में मृतक पंकज मंझला था। पिता-पुत्र दोनों कैब चलाते थे। 23 वर्षीय पंकज की शादी नहीं हुई थी।
एक साल पहले आया था बिहार
खानपुर के हसनपुर फत्तेपुर स्थित उसके घर में बीमार दादा बालेश्वर सहनी तथा विधवा चाची व उसके बच्चे मौजूद रहे। मृतक करीब एक वर्ष पूर्व अपने चाचा के श्राद्ध कर्म में घर आया था।
दादा निकेश ने बताया कि 4.30 बजे अंतिम में उससे बात हुई थी। उसके बाद फोन करने पर वह स्विच ऑफ आने लगा। रात भर स्वजन उसे खोजते रहे। मंगलवार की सुबह उसके मृत होने की जानकारी मिली।


