यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे क्रिकेटर यश दयाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है. उन्होंने याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है. याचिका में प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है. यश दयाल का कहना है कि मामले में उनको झूठा फंसाया गया है.
हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे यश दयाल
यश दयाल के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर 6 जुलाई को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया है. एफआईआर रद्द करने के लिए यश दयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्य सरकार, इंदिरापुरम थाने के एसएचओ और पीड़िता को पक्षकार बनाया है.
वहीं दूसरी ओर यश दयाल ने प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में वकील के माध्यम से पीड़िता के खिलाफ तहरीर दी है. तहरीर में यश दयाल ने पीड़िता पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की है. यश दयाल की ओर से दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होने की संभावना है.
जानिए क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि, आरसीबी के 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश दयाल पर गाजियाबाद की रहने वाली एक महिला ने शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप लगाया है. पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल आईजीआरएस पर दर्ज कराई थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय CMO ने इंदिरापुरम, गाजियाबाद के सर्किल ऑफिसर (सीओ) से रिपोर्ट मांगी है.
इसके बाद यश दयाल पर इंदिरापुरम थाने में 8 जुलाई को केस दर्ज किया गया है. FIR में पीड़िता ने बताया वो 5 साल से क्रिकेटर के साथ रिश्ते में थी. क्रिकेटर पर शारीरिक हिंसा करने का आरोप भी लगाया है. यश दयाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम का हिस्सा है. उनकी बेहतरीन प्रदर्शन के चलते उनकी टीम को आईपीएल 2025 की ट्रॉफी उठाने में काफी मदद मिली.


